आज का पंचांग 7 नवंबर 2026: नरक चतुर्दशी पर प्रीति योग और चित्रा नक्षत्र का संयोग, नोट करें शुभ-अशुभ समय
7 नवंबर 2026 को कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी पर काली चौदस और हनुमान पूजा का विशेष महत्व है, जिसमें प्रीति योग ...और पढ़ें
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Aaj ka Panchang 7 November 2026: आज कौन-से बन रहे शुभ-अशुभ योग?
आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी का दिन आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अधिक प्रभावशाली माना जाता है। शनिवार, 7 नवंबर 2026 को त्रयोदशी के बाद चतुर्दशी तिथि की शुरुआत हो रही है, जो काली चौदस (नरक चतुर्दशी) और हनुमान पूजा जैसे महत्वपूर्ण अनुष्ठानों के लिए विशेष फलदायी है।
चित्रा नक्षत्र और प्रीति योग के शुभ प्रभाव के साथ इस दिन मां काली और संकटमोचन हनुमान जी की साधना से नकारात्मक ऊर्जा, भय और जीवन की समस्त बाधाओं से मुक्ति मिलती है। आइए जानते हैं आज की तिथि, शुभ-अशुभ योग, सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल (Aaj ka Panchang 7 November 2026) का समय समेत आदि जानकारी।
तिथि: कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
मास: कार्तिक
दिन: शनिवार
संवत्: 2083
तिथि: कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी – प्रातः 10 बजकर 47 मिनट तक, फिर चतुर्दशी तिथि
योग: प्रीति – अगले दिन तड़के 03 बजकर 28 मिनट (8 नवंबर) तक, फिर आयुष्मान
करण: वणिज – प्रातः 10 बजकर 47 मिनट तक
करण: विष्टि (भद्रा) – रात्रि 11 बजकर 04 मिनट तक, फिर बव
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 06 बजकर 37 मिनट
सूर्यास्त का समय: सायं 05 बजकर 32 मिनट
चंद्रोदय का समय: अगले दिन प्रातः 05 बजकर 41 मिनट (8 नवंबर)
चंद्रास्त का समय: दोपहर 04 बजकर 02 मिनट
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: तुला राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: कन्या राशि में (सायं 05 बजकर 15 बजे तक), फिर तुला राशि में प्रवेश
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 26 मिनट तक
अमृत काल: रात्रि 11 बजकर 10 मिनट से अगले दिन तड़के 12 बजकर 50 मिनट (8 नवंबर) तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल: प्रातः 09 बजकर 21 मिनट से प्रातः 10 बजकर 43 मिनट तक
गुलिकाल: प्रातः 06 बजकर 37 मिनट से प्रातः 07 बजकर 59 मिनट तक
यमगण्ड: दोपहर 01 बजकर 26 मिनट से दोपहर 02 बजकर 48 मिनट तक
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव चित्रा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
चित्रा नक्षत्र: अगले दिन तड़के 05 बजकर 52 मिनट (8 नवंबर) तक, फिर स्वाती
नक्षत्र स्वामी: मंगलदेव
राशि स्वामी: बुधदेव और शुक्रदेव
देवता: त्वष्टा (सृजन और निर्माण के देवता)
प्रतीक: चमकता हुआ रत्न (मणि)
सामान्य विशेषताएं:बुद्धिमान, सुंदर शरीर, आकर्षक आंखें, कलाप्रेमी, मजबूत इच्छाशक्ति, साहसी, ऊर्जावान, पारखी नजर, विलासी, कभी-कभी चिड़चिड़े, थोड़े कंजूस।
काली चौदस और हनुमान पूजा 2026
काली चौदस मुहूर्त: 07 नवंबर, रात 11 बजकर 39 से 08 नवंबर, तड़के 12 बजकर 31 मिनट तक
अवधि: 00 घंटे 52 मिनट
हनुमान पूजा: 07 नवंबर, शनिवार, 2026
चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 07 नवंबर, सुबह 10 बजकर 47 मिनट
चतुर्दशी तिथि समाप्त: 08 नवंबर, सुबह 11 बजकर 27 मिनट
काली चौदस को भूत चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है। यह पावन पर्व मुख्य रूप से पश्चिम भारत के राज्यों, विशेषकर गुजरात में मनाया जाता है। दीपावली उत्सव के दौरान चतुर्दशी तिथि पर काली चौदस का विधान होता है। हालांकि, इसे रूप चौदस और नरक चतुर्दशी के साथ नहीं मिलाना चाहिए, क्योंकि यह नरक चतुर्दशी से एक दिन पहले भी पड़ सकती है। काली चौदस का दिन तब तय होता है जब मध्यरात्रि में चतुर्दशी तिथि व्याप्त हो, जिसे पंचांग के अनुसार महानिषिता काल कहा जाता है।
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