Aaj ka Panchang 07 January 2025: मासिक दुर्गाष्टमी पर बन रहे हैं खास योग, पंचांग से जानें मुहूर्त
हर माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन मां दुर्गा की विशेष रूप से पूजा-अर्चना करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। ऐसे में चलिए पंडित हर्षित शर्मा जी से जानते हैं आज का पंचांग (Aaj ka Panchang 2025) और शुभ-अशुभ समय के बारे में।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आज यानी मंगलवार, 07 जनवरी 2025 को पौष माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। पंचांग के अनुसार, इस तिथि पर मासिक दुर्गाष्टमी (Masik Durgashtami 2025) का व्रत किया जाएगा। साथ ही आज कई शुभ और अशुभ योग का भी निर्माण हो रहा है। ऐसे में चलिए पढ़ते हैं आज का पंचांग और जानते हैं शुभ मुहूर्त व राहुकाल के विषय में।
आज का पंचांग (Panchang 07 January 2025)
पौष माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि समाप्त - दोपहर 04 बजकर 31 मिनट तक
नक्षत्र - रेवती
वार - मंगलवार
ऋतु - शिशिर
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय - सुबह 07 बजकर 18 मिनट पर
सूर्यास्त - शाम 05 बजकर 37 मिनट पर
चंद्रोदय - दोपहर रात 12 बजकर 10 मिनट से
चन्द्रास्त - रात्रि 01 बजकर 16 मिनट पर
चन्द्र राशि - मीन
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त - प्रातः 05 बजकर 26 मिनट से 06 बजकर 21 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 05 बजकर 37 मिनट से 06 बजकर 05 मिनट तक
निशिता मुहूर्त - रात्रि 12 बजे से 08 जनवरी रात 12 बजकर 55 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12 बजकर 09 मिनट से दोपहर 12 बजकर 58 मिनट तक
रवि योग - शाम 05 बजकर 50 मिनट से 08 जनवरी सुबह 07 बजकर 15 मिनट तक
अमृत सिद्धि योग - शाम 05 बजकर 50 मिनट से 08 जनवरी सुबह 07 बजकर 15 मिनट तक
सर्वार्थ सिद्धि योग - शाम 05 बजकर 50 मिनट से 08 जनवरी सुबह 07 बजकर 15 मिनट तक
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अशुभ समय
राहुकाल - दोपहर 03 बजकर 05 मिनट से दोपहर 04 बजकर 23 मिनट तक
गुलिक काल - दोपहर 12 बजकर 32 मिनट से दोपहर 01 बजकर 56 मिनट तक
दिशा शूल - उत्तर
गण्ड मूल - पूरे दिन
विडाल योग - शाम 05 बजकर 50 मिनट से 08 जनवरी सुबह 07 बजकर 15 मिनट तक
आडल योग - सुबह 07 बजकर 15 मिनट से शाम 05 बजकर 50 मिनट तक
पंचक - सुबह 07 बजकर 15 मिनट से शाम 05 बजकर 50 मिनट तक
नक्षत्र के लिए उत्तम ताराबल
अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद, रेवती
राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम - वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, मीन
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
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