Sade Sati: वृषभ राशि वालों पर कब से शुरू होगी साढ़ेसाती? इन उपायों से पाएं शनिदेव की कृपा
वर्तमान समय में मीन राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है। शनिदेव के राशि परिवर्तन करने या शनिदेव के मेष राशि में गोचर (Shani Gochar 2025) करने पर मीन राशि के जातकों को दूसरे चरण से मुक्ति मिलेगी। वहीं मेष राशि के जातकों पर दूसरा चरण शुरू होगा।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित होता है। इस दिन मां लक्ष्मी की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। साथ ही वैभव लक्ष्मी व्रत भी रखा जाता है। इसके अलावा, शुक्रवार के दिन सुखों के कारक शुक्र देव की भी उपासना की जाती है। शुक्रवार के दिन देवी मां लक्ष्मी की पूजा करने से कुंडली में अशुभ ग्रहों का प्रभाव समाप्त हो जाता है। साथ ही शुक्र और चंद्र समेत सभी शुभ ग्रहों की कृपा साधक पर बरसती है।
सुखों के कारक शुक्र देव वृषभ राशि में स्वामी हैं। इस राशि की आराध्या जगत की देवी मां दुर्गा हैं। इसके लिए शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। लेकिन क्या आपको पता है कि कब से वृषभ राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती शुरू होगी? आइए, इसके बारे में सबकुछ जानते हैं-
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साढ़ेसाती
वर्तमान समय में शनिदेव मीन राशि में विराजमान हैं। इस राशि में शनिदेव अगले ढाई साल तक रहेंगे। इसके बाद राशि परिवर्तन करेंगे। शनिदेव मार्गी चाल चलकर मेष राशि में गोचर करेंगे। शनिदेव के राशि परिवर्तन करने के साथ ही वृषभ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी।
शनि गोचर 2027
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, न्याय के देवता शनिदेव गुरुवार 03 जून, 2027 को राशि परिवर्तन करेंगे। इस दिन कर्मफल दाता शनिदेव मेष राशि में गोचर करेंगे। इससे पहले शनिदेव मेष राशि में विराजमान रहेंगे। शनिदेव के राशि परिवर्तन करने से कुंभ राशि के जातकों को साढ़ेसाती से मुक्ति मिल जाएगी। वहीं, मीन राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण शुरू होगा। शनिदेव के राशि परिवर्तन यानी वृषभ राशि में गोचर करने से सिंह और धनु राशि के जातकों को शनि की ढैय्या से मुक्ति मिल जाएगी।
ऐसे करें शनिदेव को प्रसन्न
शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए वृषभ राशि के जातक जगत की देवी मां दुर्गा की भक्ति भाव से पूजा करें। साथ ही सोमवार और शुक्रवार के दिन महादेव का जलाभिषेक करें। आर्थिक संपन्नता होने पर कच्चे दूध से भी महादेव का अभिषेक कर सकते हैं। इसके साथ ही सोमवार और शुक्रवार के दिन सफेद चीजों का दान करें। वहीं, शनि की बाधा से मुक्ति के लिए मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
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