यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Putrada Ekadashi 2025 Upay: पुत्रदा एकादशी पर जरूर करें ये काम, दूर होंगी संतान की समस्याएं
पुत्रदा एकादशी व्रत को संतान सुख की प्राप्ति के लिए किया जाता है। इसके साथ ही इस व्रत को करने ...और पढ़ें

HighLights
- और भी बढ़ जाता है सावन की एकादशी का महत्व।
- 5 अगस्त को किया जाएगा पुत्रदा एकादशी का व्रत।
- प्रभु श्रीहरि की कृपा प्राप्ति के लिए खास है यह तिथि।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन में आने वाले एकादशी का महत्व और भी बढ़ जाता है। सावन के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को पुत्रदा एकादशी के रूप में मनाया जाता है। इस बार यह एकादशी 5 अगस्त को मनाई जाएगी।
ऐसे में अगर आप इस तिथि पर कुछ खास उपाय करते हैं, तो इससे आपकी संतान के जीवन में आ रही सभी बाधाएं दूर होती हैं। साथ ही इन उपायोंं से साधक के लिए संतान प्राप्ति के योग भी बनते हैं।
मिलेगी प्रभु श्रीहरि की कृपा
भगवान विष्णु को तुलसी अति प्रिय है और तुलसी के बिना उनका भोग अधूरा माना जाता है। ऐसे में प्रभु श्रीहरि को समर्पित एकादाशी तिथि पर तुलसी का महत्व और भी बढ़ जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा में उन्हें तुलसी दल जरूर अर्पित करें।
इससे आपकी संतान के जीवन में आ रहे सभी दुख समाप्त हो सकते हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि एकादशी के दिन तुलसी न तोड़ें। आप एक दिन पहले भी तुलसी के पत्ते उतार कर रख सकते हैं।
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बनेंगे संतान प्राप्ति के योग
पुत्रदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विधिवत रूप से पूजा-अर्चना करें। साथ ही उन्हें मखाने की खीर का भोग लगाए। फिर उनकी पूजा करते हुए आरती करें। इससे साधक को भगवान विष्णु के साथ-साथ मां लक्ष्मी की कृपा भी मिलती है। साथ ही संतान प्राप्ति के योग बनने लगते हैं।
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जरूर करें ये काम
एकादशी के दिन सूर्यास्त के बाद तुलसी के पास देसी घी का दीपक जरूर जलाएं। इसके बाद तुलसी की 7 बार परिक्रमा करें और श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी। धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया।। लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्। तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया।। मंत्र का जप करें।
ऐसा करने से साधक को धन संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। इसके साथ ही आप इस दिन पर घर के मुख्य द्वार पर और पीपल के पेड़ के नीचे भी दीपक जलाकर लाभ देख सकते हैं।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
