पटाखों पर देवी-देवताओं की तस्वीरें छापने का विरोध, प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा, सख्त नियम बनाने की रखी मांग
ला एंड जस्टिस काउंसिल ने पटाखों पर देवी-देवताओं की तस्वीरें छापने का कड़ा विरोध किया है। चेयरमैन मुकेश कौंसल और अध्यक्ष हरविंदर सिंह टिवाना ने इसे धार ...और पढ़ें

ला एंड जस्टिस काउंसिल के चेयरमैन सीनियर एडवोकेट मुकेश कौंसल और अध्यक्ष हरविंदर सिंह टिवाना।
जागरण संवाददाता, संगरूर। पटाखों पर देवी-देवताओं की तस्वीरें छापने की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर ला एंड जस्टिस काउंसिल ने कड़ा रुख अपनाया है। काउंसिल के चेयरमैन एवं स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता सीनियर एडवोकेट मुकेश कौंसल और अध्यक्ष हरविंदर सिंह टिवाना ने इसे धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करार देते हुए इसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
उन्होंने इस संबंध में भारत के प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर देशभर में पटाखा निर्माण से जुड़ी फैक्ट्रियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। मुकेश कौंसल और हरविंदर सिंह टिवाना ने ज्ञापन में कहा है कि पटाखों अथवा उनकी पैकेजिंग पर माता लक्ष्मी सहित किसी भी देवी-देवता की तस्वीर छापना अत्यंत आपत्तिजनक है।
यह भी पढ़ें- बिजली संशोधन बिल, बीज बिल व मनरेगा बिल के खिलाफ BKU 4 जनवरी को निकालेगा मोटरसाइकिल मार्च
पटाखों को जलाया जाता है और इस दौरान उन पर छपी धार्मिक तस्वीरें आग, धुएं और गंदगी की चपेट में आ जाती हैं, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचती है। उन्होंने कहा कि आस्था से जुड़े प्रतीकों का व्यावसायिक लाभ के लिए इस तरह उपयोग किया जाना निंदनीय और अस्वीकार्य है।
भावनाओं के साथ कानून व संवैधानिक मूल्यों से जुड़ा मामला
कौंसल और टिवाना ने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा केवल भावनाओं से नहीं, बल्कि कानून और संवैधानिक मूल्यों से भी जुड़ा है। धार्मिक प्रतीकों का अपमान भारतीय कानून के तहत दंडनीय अपराध है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पटाखा कंपनियों द्वारा इस्तेमाल की जा रही पैकेजिंग, डिजाइन और छपाई से संबंधित पूरी जानकारी एकत्र की जा रही है।
यह भी पढ़ें- ऑटो से रेलवे स्टेशन पर गए थे लुटेरे, पंजाब के पूर्व एएजी की पत्नी की हत्या और लूट की वारदात की जांच में नया मोड़
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी कंपनी द्वारा पटाखों या उनकी पैकेजिंग पर माता लक्ष्मी या अन्य देवी-देवताओं की तस्वीर छपी पाई गई, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार अदालत में कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित विभागों को भी शिकायत भेजी जाएगी।
ला एंड जस्टिस काउंसिल ने केंद्र सरकार से मांग की है कि देशभर में पटाखा उद्योग के लिए सख्त नियम बनाए जाएं और धार्मिक प्रतीकों के दुरुपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि समाज में आपसी सम्मान और धार्मिक सौहार्द बना रहे।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।