लुधियाना [राजेश भट्ट]। लुधियाना में फैक्ट्री का मालिक नगर निगम अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर तीसरी मंजिल की ऊंचाई बढ़ा रहा था। पता न चले इसलिए फैक्ट्री इमारत के सामने के हिस्से से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई जबकि पिछले हिस्से के लेंटर को जैक लगाकर ऊपर उठा रहा था। निगम अधिकारी मौके पर न पहुंच पाएं इसलिए सुबह चार बजे काम शुरू कर दिया गया था। मजदूरों ने लेंटर को तीन फीट ऊपर उठाकर चारों दीवारों में ईंटें व सीमेंट भी लगा दिए थे। जेक खोलते समय लैंटर का बैलेंस बिगड़ गया। फैक्ट्री की इमारत काफी पुरानी है इसलिए नगर निगम से इसका नक्शा पास नहीं था। फैक्ट्री मालिक ने इमारत की ऊंचाई बढ़ाने की निगम से अनुमति भी नहीं ली थी।

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तीन मंजिला इमारत में एक भी पिलर नहीं
तीन मंजिल की इमारत में एक भी पिलर नहीं होने के कारण इसकी दीवारें भी कमजोर थीं। नगर निगम के एमटीपी सुरिंदर सिंह बिंद्रा का कहना है कि नगर निगम इमारत से संबंधित सभी दस्तावेजों की जांच करेगा। इमारत कब बनी थी और नक्शा पास क्यों नहीं करवाया गया था।

नहीं बढ़ा सकते किसी भी इमारत की ऊंचाई

नियमों के अनुसार किसी भी इमारत की ऊंचाई नक्शे में पास ऊंचाई तक ही बढ़ाई जा सकती है। अगर किसी इमारत की ऊंचाई बढ़ानी भी हो तो इसके लिए नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच से इसकी अनुमति लेनी होती है।

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इमारत के सेफ्टी सर्टिफिकेट पर भी संशय
फैक्ट्री संचालकों को लोक निर्माण विभाग से इमारत का सेफ्टी सर्टिफिकेट लेना होता है। इस इमारत का सेफ्टी सर्टिफिकेट था या नहीं इस पर अभी संशय है।

फिलहाल तो लोगों को बचाना प्राथमिकता है। इसके बाद गहनता से जांच की जाएगी। जो भी लापरवाही सामने आएगी उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
-वरिंदर शर्मा, डिप्टी कमिश्नर लुधियाना।

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