यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 01, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
लुधियाना कोविड गाइडलाइंसः अदालतों में 20 फरवरी तक वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई, जरूरी मामलों में ही पेशी
Ludhiana Covid Rules वादियों को अदालत परिसर में प्रवेश करने की अनुमति तभी दी जाएगी जब उनके पास अदालत के ...और पढ़ें

जासं, लुधियाना। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मुनीश सिंघल ने करोना संक्रमण के खतरे के चलते सभी लंबित मामलों की सुनवाई 20 फरवरी तक केवल वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से करने का आदेश दए हैं। 5 जनवरी से यही व्यवस्था चल रही है। केवल अत्यंत आवश्यक मामलों में ही लोगों को अदालत बुलाया जाएगा। वादियों को अदालत परिसर में प्रवेश करने की अनुमति तभी दी जाएगी जब उनके पास अदालत के आदेश की डाउनलोड की गई प्रति होगी और उसमें लिखा होगा कि उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति की आवश्यकता है। ज्यादा जरूरी मामले में अधिवक्ता फिजिकल सुनवाई के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन कर सकता है। यदि न्यायालय इसकी अनुमति देता है तो फिर सुनवाई की जाएगी।
जमानती को 20 फरवरी तक पेशी से छूट
जमानत पर छूटे लोगों को 20 फरवरी तक पेश होने से छूट दी गई है। सेशन जज मुनीश सिंघल ने यह स्पष्ट किया है कि कोई भी अदालत चाहे तो सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के निर्देशानुसार किसी केस में व्यक्ति को जेल से बुलाकर या बाहर से बुलाकर सुनवाई करना जरूरी समझती है तो वह उस तरह के आदेश पारित कर सकती है।
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लुधियाना में बढ़ रहे काेराेना के मामले
पंजाब के लुधियाना जिले में काेराेना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। प्रशासन ने लाेगाें से शारीरिक दूरी के साथ ही मास्क लगाने की अपील की है। जिले में साेमवार काे 267 केस आए जबकि 6 मरीजाें की माैत हाे गई थी। सिविल सर्जन डा. एसपी सिंह का कहना है कि कोरोना के केस कम होने लगे हैं। फरवरी के दूसरे सप्ताह से कोरोना के मामले सौ से भी कम हो जाएंगे। लेकिन, हमें अभी भी बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। वैक्सीनेशन के कारण संक्रमण फैलने से काफी हद तक रोक लगी है।
