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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पंजाब में बर्खास्त एएसआई बन गया 'कार लुटेरा', नौकरी जाने के बाद बनाया गैंग; पिता रह चुके हैं डीएसपी

Published: Tue, 25 Mar 2025 10:32 AM (GMT+05:30)

पंजाब (Punjab News) पुलिस से बर्खास्त एक एएसआई ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर एक गिरोह बनाया और गाड़ियां ...और पढ़ें

पंजाब पुलिस से डिसमिस एएसआई चोर बना। प्रतीकात्मक तस्वीर
पंजाब पुलिस से डिसमिस एएसआई चोर बना। प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. पंजाब में बर्खास्त एएसआई ने बनाया गिरोह
  2. गाड़ियां चुराकर बेचने का करता था धंधा
  3. पिता पुलिस में डीएसपी के पद से हो चुके हैं रिटायर्ड

जागरण संवाददाता, लुधियाना। पंजाब (Punjab News) पुलिस से डिसमिस एएसआई ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर गिरोह बनाया और गाड़ियां चुराना शुरू कर दिया। थाना साहनेवाल पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दो आरोपितों को हरियाणा से चोरी की कार समेत गिरफ्तार कर लिया।

तीसरा आरोपी मनतेज सिंह हो गया फरार

आरोपितों की पहचान गरचा कॉलोनी निवासी अमनदीप सिंह (डिसमिस एएसआई) और उसके साथी रामगढ़ रोड निवासी गनीतपाल सिंह के रूप में हुई है। तीसरा आरोपित मनतेज सिंह फरार होने में कामयाब हो गया। पुलिस ने दोनों आरोपितों को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।

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एएसआई गुरमीत सिंह ने बताया कि 23 मार्च को वह पुलिस पार्टी के साथ साहनेवाल चौक में मौजूद थे। इसी बीच सूचना मिली कि उक्त आरोपितों ने हरियाणा से कार चोरी कर उस पर बाइक का नंबर लगाया है। वह कार को बेचने टिब्बा नहर पुल स्थित प्लॉट में मौजूद है।

आरोपी के पिता रिटायर्ड डीएसपी

पुलिस ने तुरंत रेडकर अमनदीप सिंह और गनीतपाल को पकड़कर कार बरामद कर ली, लेकिन मनतेज भागने में कामयाब रहा। जांच में पता चला कि आरोपितों ने हरियाणा के हिसार जिले से वरना कार चोरी की थी। उस पर मोहाली में रजिस्टर्ड बाइक का नंबर लगाया था।

इसके बाद कार का सौदा एक शख्स से किया, जिसने उन्हें टिब्बा नहर पुल पर कार लेकर बुलाया था। कार खरीदने के लिए आया शख्स आरोपितों से कार के कागजात मांग रहा था, लेकिन उनके पास कोई कागजात न होने के चलते सौदा कैंसिल हो गया।

इसके बाद वो इलाके के प्लॉट में कार लेकर चले गए, वहीं पुलिस ने आरोपितों को काबू कर लिया। पुलिस के मुताबिक अमनदीप सिंह पर पहले भी तीन केस दर्ज है। उसके पिता भी पुलिस से रिटायर्ड डीएसपी है। मनतेज पर भी अलग-अलग थानों में कई केस दर्ज है। इसमें वह पीओ चल रहा है।

नौकरी पर गैर हाजिर होने के कारण हुआ था डिसमिस

एएसआई गुरमीत सिंह ने बताया कि आरोपित अमनदीप सिंह वर्ष 2006 में पंजाब पुलिस में एएसआई के पद पर भर्ती हुआ था। वह लुधियाना के ही एक थाने में ही तैनात था। वह नौकरी पर गैरहाजिर रहता था, जिस कारण कुछ समय के बाद ही उसे डिसमिस कर दिया गया था।

अब अमनदीप नशा करने का आदी है।  20 दिन पहले आरोपितों के संपर्क में आया था गनीतपाल गनीतपाल सिंह ने पुलिस को बताया कि वह 20 दिन पहले ही अमनदीप और मनतेज के संपर्क में आया था। आरोपित गनीतपाल ने 12वीं कक्षा पास की थी और आईलेट्स कर रहा था। फिलहाल उसकी बाकी की डिटेल्स इकट्ठा की जा रही है।

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