विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Stubble Burning In Punjab : माेगा में पराली नहीं जलाने को लेकर जागरूक करेगी मोबाइल वैन

By Edited By:
Published: Tue, 12 Oct 2021 03:32 PM (IST)

Stubble Burning In Punjab माेगा के डिप्टी कमिश्नर हरीश नायर ने जागरूकता मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ...और पढ़ें

गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करेगी माेबाइल वैन। (जागरण)
गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करेगी माेबाइल वैन। (जागरण)

संवाद सहयोगी, मोगा। Stubble Burning In Punjab : नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से धान की पराली को आग लगाने पर पाबंदी लगाने के बाद जिला प्रशासन भी किसानों को लगातार पराली न जलाने को प्रेरित कर रहा है। इसी कड़ी में डिप्टी कमिश्नर हरीश नायर ने जागरूकता मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वैन गांव-गांव जाकर किसानों को धान की पराली में आग न लगाने को लेकर जागरूक करेगी। किसानों को बताया जाएगा कि पराली जलाने से जहां धरती की उपजाऊ शक्ति कम होती है, वहीं इससे पर्यावरण दूषित होता है। जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स में वैन की रवानगी के मौके पर मुख्य खेतीबाड़ी अफसर डा. बल¨वदर ¨सह व खेती विभाग का स्टाफ भी मौजूद था।

यह भी पढ़ें-लुधियाना के Mayor बलकार संधू का नगर निगम जाेन सी में छापा, एक घंटा दफ्तर में बैठे रहे; कई कर्मचारी मिले गैरहाजिर

 

किसानों को सब्सिडी पर दिए जा चुके हैं कृषि उपकरण

इस मौके पर डीसी नायर ने कहा कि धान की कटाई के बाद किसान पराली को आग न लगाकर उसे अपने खेतों में ही दबाएं। यही पराली खेत में खाद का काम करेगी, आग लगाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018-19 से 2020-21 तक 3536 कृषि उपकरण किसानों को सब्सिडी पर दिए जा चुके हैं। धान की पराली की गांठ बनाने के लिए जिले की 10 सहकारी सभाओं को 20 बेलर तथा रैक भी मुहैया करवा दिए गए हैं। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि अगर किसी किसान को पराली के प्रबंधन के लिए बेलर किराये पर चाहिए तो वह पंजाब सरकार का मोबाइल एप डाउनलोड कर इसके लिए आवेदन कर सकता है। गाैरतलब है कि पंजाब में धान की कटाई के बाद पराली जलाने के मामले लगातार बढ़ जाते हैं।

यह भी पढ़ें-Punjab Power Crisis: लुधियाना में बिजली संकट गहराया, 8 से 10 घंटे के कट लगने से लोग पीने के पानी को तरसे