जागरण संवाददाता, लुधियाना। पंजाब के इंजीनियरिंग कालेजों और आईटीआई में भारी संख्या में युवा ट्रेनिंग तो ले रहे हैं, लेकिन इसके पश्चात यह पंजाब के उद्योगों के लिए कारगर साबित नहीं हो रहे। इसका मुख्य कारण युवाओं की स्किल डेव्लपमेंट इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक न हो पाना है। ऐसे में जहां युवाओं को नौकरी नहीं मिल पा रही, वहीं इंडस्ट्री को कुशल लोग नहीं मिल पा रहे। इस कमी को दूर करने के लिए चेंबर आफ इंडस्ट्रीयल एवं कमर्शियल अंडरटेकिंग (सीआइसीयू) की ओर से सीआइसीयू फिनिशिंग स्कूल का आगाज किया जा रहा है। ताकि दोनों की कमी को पूरा कर डिमांड को पूरा किया जा सके और अधिक से अधिक युवाओं को इंडस्ट्री में नौकरियां प्रदान की जा सकें।

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इस फिनिशिंग स्कूल में युवाओं को इंडस्ट्री के तौर तरीकों, इंडस्ट्री की डिमांड और कांसैप्ट से जागरूक करेगा। इसके लिए तीन महीने का एक कोर्स इंजीनियरिंग ग्रेजुएट, डिप्लोमा होल्डर्स, एमबीए भाग ले सकेंगे। तीन महीने के कोर्स में उन्हें मैन्यूफैक्चरिंग कांसेप्ट, एमआइएस, डेली वर्क मैनेजमेंट, इंस्पेक्शन, टेस्टिंग, बेसिक आफ मैनेजमेंट सिस्टम, आईएसओ 9001-2015, इंजीनयरिंग के विभिन्न कांसेप्ट, फोर्जिंग, फाउंडरी, मशीनिंग, शीट मेटल, फैब्रीकेशन एवं वैल्डिंग, हीट ट्रीटमेंट, सरफेस कोटिंग प्रोसेस के बारे में जानकारी दी जाएगी।

यह सारी प्रक्रिया इंडस्ट्री के एक्सपर्ट की ओर से की जाएगी। इसको लेकर सीआइसीयू की एग्जीक्यूटिव कमेटी की ओर से सर्वसम्मति से फैसला किया गया। इस दौरान प्रधान उपकार सिंह आहुजा एवं महासचिव पंकज शर्मा ने कहा कि इससे इंडस्ट्री को कुशल लोग मिलेंगे और युवाओं को रोजगार के साधन मिलेंगे। इस कोर्स को कुछ ही दिनों में आरंभ कर दिया जाएगा।

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Edited By: Vinay Kumar