लुधियाना [राजन कैंथ]। भारतीय सैन्य अफसरों के वाट्सएप ग्रुप में सेंध लगाने के मामले में सोमवार को गिरफ्तार लुधियाना के युवक जसविंदर सिंह से पुलिस ने एक मोबाइल व तीन सिम कार्ड बरामद किए हैं। इसके अलावा एक अन्य सिम की तलाश की जा रही है। पुलिस, सेना और एयरफोर्स इंटेलीजेंस की टीमें उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस की अब तक की जांच में पता चला है कि पाकिस्तानी युवती ने अपनी फेसबुक आइडी पर एक पंजाबी युवती की फोटो लगा रखी थी। जसविंदर ने जब उससे अपनी फोटो भेजने के लिए कहता, तो वो उसे यही फोटो भेज दिया करती थी। दोनों के बीच वाट्सएप या मैसेंजर पर वीडियो काल होती थी। वीडियो के दौरान वह चेहरे को किसी चीज से ढक लिया करती थी और कहती थी कि वो रिश्ता होने के बाद ही चेहरा दिखाएगी। जसविंदर उससे मिलने कई बार बठिंडा भी जा चुका है।

मंगलवार को इस मामले में दो-तीन जगह दबिश भी दी गई। जसविंदर सिंह को मंगलवार को अदालत में पेश कर 10 दिन के रिमांड की मांग की गई, लेकिन अदालत ने उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा। जसविंदर से जो तीन सिम कार्ड मिले हैं, उनमें से दो चल रहे थे, जबकि एक उसकी जेब से मिला। एक अन्य सिम कार्ड बरामद किया जाना बाकी है।

जांच एजेंसियों को पता चला है कि पाकिस्तान इंटेलीजेंस आपरेटर (पीआइओ) की महिला एजेंट के जाल में पंजाब के कई और युवा भी फंसे हैं। जांच कर रहीं पुलिस की टेक्निकल टीम के अनुसार रिकार्ड में यह बात सामने आ चुकी है कि 'हनी ट्रैप' की मदद से पाकिस्तान भारत की खुफिया जानकारियां जुटा रहा है। पंजाब के कई युवा इसमें फंस गए हैं। एडीसीपी रुपिंदर कौर भट्टी ने कहा कि जब तक इन युवाओं को रिकार्ड पर नहीं लाया जाता, तब तक कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

यह है मामला

गौरतलब है कि सोमवार को जोधपुर एयरफोर्स इंटेलीजेंस की सूचना के बाद लुधियाना पुलिस ने गांव ऊंची दौद के रहने वाले 35 वर्षीय जसविंदर सिंह को गिरफ्तार किया था। जसविंदर को पाकिस्तान इंटेलीजेंस आपरेटर (पीआइओ) की महिला एजेंट के अपने जाल में फंसाया था। उसने खुद को बठिंडा की रहने वाली जसलीन बराड़ बताया और अपने मोबाइल पर भारतीय नंबर से वाट्सएप एक्टिव करने के लिए जसविंदर का मोबाइल नंबर फीड किया। उससे ओटीपी लेकर उसने तीन भारतीय नंबरों पर वाट्सएप एक्टिव कर लिया। जसविंदर के नंबर की मदद से वह सैन्य अफसरों के वाट्सएप गु्रप 'सीएमडी म्यूचुअल पोस्टिंग' और 'एमईएस इन्फार्मेशन अपडेट' में शामिल हो गई। पुलिस और इंटेलीजेंस की टीमें इन दोनों ग्रुपों की भी छानबीन कर रही हैं। पुलिस यह बताने से इन्कार कर रही है कि इन ग्रुप्स के एडमिन कौन हैं।

युवती ने कहा था, परिवार के सब लोग सेना में हैं

एडीसीपी रुपिंदर भट्टी ने बताया कि जसविंदर को हनी ट्रैप में फंसाने के लिए पीआइओ एजेंट युवती ने कहा था कि वह आर्मी बैकग्राउंड से है। उसके परिवार के सब लोग सेना में हैं। इससे जसविंदर उसके प्रभाव में आ गया। जसविंदर सेना में जाना चाहता था।

सेना में कार्यरत लोगों के नंबर ले बनाई ग्रुप में जगह

युवती ने जसविंदर से ऐसे जानकारों के नंबर लिए, जो सेना में जाना चाहते थे या सेना में कार्यरत हैं। इस तरह उसने सात ऐसे लोगों से दोस्ती कर ली जो सेना में कार्यरत हैं। उन्हीं के माध्यम से वो सेना के ग्रुप्स में शामिल हो गई। जसविंदर के पिता की मौत हो चुकी है। घर में उसकी मां है। उसकी बड़ी बहन शादीशुदा है, जिसका पति दुबई में नौकरी करता है। घर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब होने और अविवाहित होने के कारण पीआइओ एजेंट ने जसविंदर को आसानी से अपने झांसे में ले लिया।

 

Edited By: Vinay Kumar