जेेएनएन, मुक्तसर साहिब। कैप्टन सरकार के चार साल की कारगुजारियों को लेकर प्रेस कांफ्रेंस करने पहुंचे अबोहर के भाजपा विधायक अरुण नारंग पर किसानों ने मलोट में हमला कर उनके कपड़े फाड़ दिए, पिटाई की और उन्हें पूर्ण रूप से निर्वस्त्र कर दिया। विधायक नारंग को पुलिस के सुरक्षा घेरे से खींचकर यह गुंडागर्दी की गई। इस दौरान पुलिस ने उपद्रव को रोकने के लिए कोई बल प्रयोग नहीं किया। देर शाम को नारंग को सिविल अस्पताल, अबोहर में भर्ती करवाया गया।

विधायक नारंग मलोट में शनिवार दोपहर को पत्रकारों से बातचीत करने पहुंचे थे। उनके यहां पहुंचने से पहले ही किसान भाजपा दफ्तर के बाहर इकट्ठा होकर नारेबाजी कर रहे थे। जैसे ही नारंग भाजपा के मुक्तसर जिला के प्रधान राजेश गोरा पठेला के साथ वहां पहुंचे तो किसानों ने उनका घेराव शुरू कर कालिख फेंकी। वहां मौजूद पुलिस व भाजपा नेता बीच-बचाव कर नारंग को पास की दुकान में ले गए।

विधायक को ले जाते पुलिस कर्मी। जागरण

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करीब एक घंटा तक विधायक इस दुकान में रहे। बाहर किसानों ने उनकी गाड़ी पर कालिख पोत दी और अपशब्द लिख दिए। इसके बाद पुलिस ने नारंग को जब बाहर निकाला तो किसानों ने उन पर दोबारा हमला कर दिया। पुलिस के सुरक्षा चक्र को तोड़ते हुए किसानों ने उनकी पिटाई की और उनके कपड़े फाड़ दिए। इसके बाद पुलिस नारंग को बचाने के लिए भाजपा नेता की दुकान में ले गई और शटर बंद कर दिया। कुछ देर बाद पुलिस ने उन्हें दुकान के पिछले दरवाजे से सुरक्षित निकाला। उल्लेखनीय है कि नारंग पार्टी के फाजिल्का जिला प्रधान भी रहे हैैं।

किसानों ने आगजनी भी की। जागरण

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भाजपा दफ्तर में कुर्सियां तोड़ी

विधायक पर हमला करने के बाद किसान भाजपा दफ्तर पहुंचे और वहां पर कुर्सियां तोड़ दीं और फ्लेक्स फाड़ दिया। दफ्तर से झंडे उठाकर सड़क पर उनमें आग लगा दी। दफ्तर का सामान उठाकर बाहर फेंक दिया गया।

पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान

विधायक के पहुंचने से पहले घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस मौजूद थी। पुलिस की मौजूदगी में विधायक पर हमला, उनके कपड़े फाड़े जाने व कालिख फेंके जाने की घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिया है। घटना की सूचना मिलने के बाद एसपी राजपाल सिंह मौके पर पहुंचे, लेकिन डीएसपी जसपाल सिंह, एसएचओ थाना सिटी हरजीत सिंह मान, थाना सदर के एसएचओ परमजीत सिंह पहले से ही पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद थे।

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पहले भी हो चुके हैैं भाजपा नेताओं पर हमले

  • 13 अक्टूबर, 2020: भाजपा के प्रदेश प्रधान अश्वनी शर्मा पर टांडा (होशियारपुर) के पास टोल प्लाजा पर हमला हुआ।
  • 25 दिसंबर, 2020: बठिंडा में भाजपा के कार्यक्रम में घुसकर किसानों ने तोडफ़ोड़ की।
  • एक जनवरी, 2021: होशियारपुर में पूर्व मंत्री व भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद के घर के बाहर गोबर फेंका गया।
  • 25 मार्च, 2021: बठिंडा में पूर्व मंत्री सुरजीत ज्याणी मीडिया से बात करने पहुंचे तो किसानों ने उनका घेराव किया।

 

Edited By: Kamlesh Bhatt