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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 02, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सुखबीर से पहले कांग्रेस सांसद रवनीत बिट्टू व पंजाब भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा पर भी हो चुका है हमला

By Pankaj DwivediEdited By:
Published: Tue, 02 Feb 2021 01:59 PM (IST)Updated: Tue, 02 Feb 2021 02:14 PM (IST)

शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल के काफिले पर हमले से सियासी जगत के लोग सकते में हैं। पंजाब में नेताओं पर ...और पढ़ें

हाल में लुधियाना के सांसद रवनीत बिट्टू और भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा हमला हो चुका है।
हाल में लुधियाना के सांसद रवनीत बिट्टू और भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा हमला हो चुका है।

जालंधर, जेएनएन। पंजाब के जलालाबाद में शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल के काफिले पर हमले से सियासी जगत के लोग सकते में हैं। पंजाब में नेताओं पर हमले का यह पहला मामला नहीं बल्कि पिछले कुछ समय से लगातार बड़े नेता पर निशाना साधा जा रहा है। हाल में दिल्ली में किसानों के आंदोलन के दौरान सिंघू बार्डर पर लुधियाना के सांसद रवनीत बिट्टू का किसानों ने जोरदार विरोध किया था। उन्होंने उनके साथ धक्का-मुक्की करके उनकी पगड़ी तक उतार दी थी। पंजाब के टांडा में पिछले साल अक्टूबर में पंजाब भाजपा अध्यक्ष अश्विनी शर्मा पर भी हमला किया गया था।

इसी साल पहली जनवरी को भाजपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री तीक्ष्ण सूद के होशियारपुर स्थित घर पर कुछ विरोधियों ने गोबर फेंक दिया था। इस मामले को लेकर भाजपा ने कांग्रेस को घेरा था। इसे लेकर कई दिन तक सियासी उठापठक चलती रही थी। इससे पहले पंजाब में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और हिंदू नेताओं को भी निशाना बनाया गया है। 

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अक्टूबर में टांडा टोल प्लाजा पर भाजपा प्रधान अश्वनी शर्मा पर हमला

इससे पहले, 13 अक्टूबर को भाजपा के प्रदेश प्रधान अश्वनी शर्मा की कार पर टांडा के पास टोल प्लाजा पर कथित किसान समर्थकों ने हमला कर दिया था। इसमें अश्वनी शर्मा हमले में बाल-बाल बचे थे। टोल से निकल रही उनकी गाड़ी पर किसानों ने डंडों व ईंटों से हमला कर दिया था। मौके की नजाकत को भांपते हुए उनके ड्राइवर ने गाड़ी रोकने के बजाय भगा ली। इससे शर्मा को कोई चोट तो नहीं लगी, लेकिन गाड़ी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। शर्मा टांडा थाने के बजाय 22 किलोमीटर दूर दसूहा थाने में जाकर रुके। वहां इलाका थाना टांडा होने को लेकर पुलिस से उनकी बहस भी हो गई। इससे गुस्साए भाजपाइयों ने थाने के आगे जाम लगा कैप्टन सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। यह धरना देर रात तक जारी रहा था। बाद में 4 जनवरी को अश्वनी शर्मा की संगरूर यात्रा के दौरान किसान संगठनों ने उन्हें घेरते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। 

दिल्ली में सांसद रवनीत बिट्टू के साथ हुई थी धक्का-मुक्की

24 जनवरी को कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ किसानों के समर्थन में दिल्ली में धरना दे रहे लुधियाना से कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू पर दिल्ली स्थित गुरु तेग बहादुर मेमोरियल में जन संसद के दौरान हुए हमला कर दिया गया था। 

गुरदासपुर में भिड़े थे शिअद और कांग्रेस प्रत्याशी

28 जनवरी को नगर निगम चुनाव को लेकर शुक्रवार को माहौल उस समय गर्मा गया जब शिअद और काग्रेस के प्रत्याशी अपने-अपने समर्थकों के साथ वार्ड नंबर 16 में भिड़ गए। दोनों तरफ से अपनी-अपनी पिस्टल से कुल पाच हवाई फायर करने की बात सामने आई।

आरएसएस और हिंदू नेताओं पर भी हो चुका है हमला

पंजाब में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और हिंदू नेताओं पर हमले होते रहे हैं। पिछल कुछ वर्षों में लुधियाना में आरएसएस के नेता रवींद्र गोसाईं और जालंधर में पंजाब आरएसएस प्रमुख जगदीश गगनेजा की टारगेट किलिंग शामिल है।

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