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पांच साल की उम्र तक चल भी नहीं सकते थे फौजा सिंह, 89 साल की उम्र में पूरी की लंदन मैराथन; एक दिन में बनाए आठ रिकॉर्ड
सबसे उम्रदराज फौजा सिंह (Who is Fauja Singh ) का बचपन मुश्किलों से भरा था पांच साल की उम्र तक ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, जालंधर। Who is Fauja Singh: सबसे उम्रदराज फौजा सिंह का बचपन आसान नहीं था। वे पांच वर्ष की आयु तक चलने में भी सक्षम नहीं थे। पतले और कमजोर पैरों के कारण वह मुश्किल से लंबी दूरी तक चल पाते थे।
वर्ष 1992 में वह इंग्लैंड चले गए और जालंधर में पत्नी ज्ञान कौर की मृत्यु के बाद अपने बेटे के साथ पूर्वी लंदन में बस गए। फौजा सिंह (Fauja Singh) ने अगस्त 1994 में बेटे कुलदीप की मृत्यु के बाद दुख को दूर करने के लिए शुरू में टहलना शुरू किया।
वर्ष 2000 में 89 साल की उम्र में उन्होंने प्रसिद्धि तब हासिल की जब उन्होंने लंदन मैराथन को पूरा किया। पहली फुल मैराथन रन 6 घंटे 54 मिनट में पूरी की।
इस प्रक्रिया में वह 90 से अधिक आयु वर्ग में पिछले विश्व रिकॉर्ड से 58 मिनट पीछे रह गए। उन्होंने 2003 के टोरंटो वाटरफ्रंट मैराथन को ‘90 से अधिक’ श्रेणी में पांच घंटे 40 मिनट में पूरा करके एक कदम ओर आगे बढ़ाया जो उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय है।

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एक दिन में बनाए थे आठ विश्व रिकॉर्ड
साल 2011 में फौजा सिंह ने 100 वर्ष की आयु में कनाडा के टोरंटो के बिर्चमाउंट स्टेडियम में विशेष ओंटारियो मास्टर्स एसोसिएशन आमंत्रण मीट में एक ही दिन में आठ विश्व रिकॉर्ड बनाए।
2012 में लंदन ओलंपिक के लिए टार्च बियरर, फौजा सिंह ने 101 वर्ष की उम्र में हांगकांग में अपनी आख़िरी लंबी दूरी की प्रतिस्पर्धी दौड़ पूरी करने के बाद रिटायर हुए, जहां उन्होंने 1 घंटे 32 मिनट और 28 सेकेंड में 10 किमी की दौड़ पूरी की। जालंधर में जब कभी मैराथन का आयोजन होता था तो फौजा सिंह वहां पहुंचकर युवाओं का प्रोत्साहन करते थे।
