Punjab News: धमाकों के बाद बंद पड़े थानों में पुलिस जवानों की तैनाती, लोगों में थी दहशत
गुरदासपुर के कलानौर में बंद पड़ी पुलिस चौकियों बख्शीवाल और वडाला बांगर में धमाकों के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए दोनों चौकियों में पुलिस मुलाजिमों की तैनाती कर दी है। सीमावर्ती इलाके से संबंधित दोनों बंद पड़ी पुलिस चौकियों में धमाके होने के बाद इलाके के लोगों में दहशत का माहौल था। पुलिस ने लोगों में फैले भय को दूर करने के लिए पुलिस जवान तैनात किए हैं।

महिंदर सिंह अर्लीभन्न, कलानौर। सीमावर्ती पुलिस जिला गुरदासपुर के प्रमुख पुलिस थाना कलानौर के तहत बंद पड़ी पुलिस चौकी बख्शीवाल और वडाला बांगर में धमाकों के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए दोनों चौकियों में पुलिस मुलाजिमों की तैनाती कर दी है।
सीमावर्ती इलाके से संबंधित दोनों बंद पड़ी पुलिस चौकियों में धमाके होने के बाद इलाके के लोगों में दहशत का माहौल पाया जा रहा था। वहीं पुलिस ने लोगों में फैले भय को दूर करने के उद्देश्य से यहां पर पुलिस जवान तैनात कर दिए हैं।
खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स ने ली थी जिम्मेदारी
पुलिस जवानों की तैनाती को लेकर सीमावर्ती इलाके के लोगों ने पुलिस प्रशासन का धन्यवाद किया है। जानकारी के अनुसार थाना कलानौर के तहत आती पुलिस चौकी बख्शीवाल और वडाला बांगर आतंकवाद के दौर के दौरान अस्तित्व में आई थीं, जिन्हें पुलिस मुलाजिमों की कमी के कारण पिछले दिनों बंद कर दिया गया था।
इन खाली पुलिस चौकियों में धमाके करने की जिम्मेदारी खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स और बब्बर खालसा की ओर से ली गई थी। पुलिस चौकी वडाला बांगर को बहाल रखने की इलाके के लोगों ने पुलिस से मांग की थी। इसके मद्देनजर यहां पर करीब एक दर्जन पुलिस मुलाजिम तैनात कर दिए गए हैं।
यह भी पढ़ें- नगर निगम चुनाव: जालंधर-पटियाला में AAP का जलवा, कांग्रेस के हाथ अमृतसर व फगवाड़ा; लुधियाना में फंसा पेच
लोगों ने पंजाब पुलिस का दिया धन्यवाद
इस मौके पर गांव वडाला बांगर निवासी मोहित दास, सुखविंदर सिंह, रिटायर्ड सूबेदार अपर अपार सिंह, बाबा कंवल दास, रणबीर सिंह, रणजीत सिंह आदि ने चौकी में पुलिस मुलाजिमों की तैनाती के लिए एसएसपी दयामा हरीश कुमार और डीजीपी पंजाब का धन्यवाद किया है।
लोगों ने बताया कि वडाला बांगर पुलिस चौकी गांव मस्तकोट, खुशीपुर, कोट मियां साहिब, दलेरपुर, रसूलपुर, नानोहारनी, हकीमपुर, औजला भगवां, भंडवां आदि को सुरक्षा उपलब्ध कराती आ रही थी।
बता दें कि पंजाब के माझा रीजन में पिछले 25 दिनों में पुलिस थानों पर आठ से ज्यादा हमले हो चुके है। सभी हमलों पर पंजाब पुलिस के अधिकारी पहले कहते हैं कि कोई धमाका नहीं हुआ और बाद में मामला दर्ज कर लिया जाता है। कोई भी अधिकारी इन मामलों में अभी तक यह स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाया है कि हमलों में हेड-ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया या फिर आइइडी का।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।