Jaspal Bhatti: 'फ्लॉप शो' ने बनाया कॉमेडी का बादशाह, सुनील ग्रोवर को भी दिया मौका; सबको हंसाकर रुला गया यह कलाकार
Who is Jaspal Bhatti जसपाल भट्टी एक ऐसे हास्य कलाकार थे जिन्होंने अपनी व्यंग्यात्मक कॉमेडी से लोगों को जमकर हंसाया। उनका जन्म 3 मार्च 1952 को पंजाब के अमृतसर में हुआ था। उन्होंने चंडीगढ़ में मौजूद इंजीनियरिंग कॉलेज से पढ़ाई पूरी की और कॉलेज के दिनों से ही कॉमेडी स्ट्रीट प्ले करने लगे थे। साल 2012 में एक सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई थी।

डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। King of Comedy Jaspal Bhatti: कॉमेडी के नाम पर डार्क ह्यूमर परोसना और फिर उस पर हंसी के ठहाके लगाना आज का ट्रेंड है। लेकिन खास बात है कि इस तरह के कॉन्टेंट से हर कोई सहज नहीं हो सकता। इनसे भी इतर कभी वो कॉमेडी भी हुआ करती थी, जिनके क्लिप्स अगर आज भी देख लें तो गदगद हो जाएं।
कहना गलत नहीं कि कुछ हास्य अदाकार आज भी ऐसे हैं और रहे हैं जिनकी कॉमेडी और एक्टिंग को हर तबके ने पसंद किया। इसी फेहरिस्त में एक ऐसा नाम भी शामिल है, जिसने जिंदगी भर लोगों को जमकर हंसाया। हालांकि, उनके अचानक देहांत ने सबको चौंका दिया। हम बात कर रहे हैं पंजाब के मशहूर हास्य कलाकार जसपाल भट्टी (Jaspal Bhatti) की, जिनके व्यंग्यात्मक हास्य को आज भी याद किया जाता है।
कौन थे जसपाल भट्टी
3 मार्च, 1952 को पंजाब के अमृतसर में जन्मे जसपाल भट्टी सैटेरिकल कॉमेडी के लिए जाने जाते थे। उन्होंने चंडीगढ़ में मौजूद इंजीनियरिंग कॉलेज से पढ़ाई पूरी की। कॉलेज के दिनों से ही जसपाल कॉमेडी स्ट्रीट प्ले किया करते थे। वह समाज में फैले करप्शन और पॉलिटिक्स आदि पर कॉमेडी स्पूफ बनाया करते थे। इसके बाद उन्होंने मशहूर अखबार दैनिक ट्रिब्यून में बतौर कार्टूनिस्ट भी काम किया।
अस्सी के दशक में टेलीविजन पर शो
अस्सी के दशक में रंगीन टेलीविजनों का दौर शुरू हो गया था। ऐसे में जसपाल भट्टी को अधिक लोगों तक पहुंचने का यह कारगर माध्यम लगा। उन्होंने इस दौरान टेलीविजन 'उल्टा-पुल्टा' (अपसाइड डाउन) शुरू किया। यह शो लोगों को खूब पसंद आया।
इसके बाद 90 के दशक में वह अपनी वाइफ सविता के सहयोग से 'फ्लॉप शो' लेकर आए। यह शो आम आदमी की रोजमर्रा की समस्याओं पर आधारित था। व्यंग्यात्मक ढंग से लोगों की परेशानियों को दिखाकर वे लोगों के काफी करीब पहुंचे जिसके बाद दर्शकों में उनकी अनूठी छाप छपी और वह कहलाए कॉमेडी किंग।
कॉमेडी शो से बॉलीवुड का सफर
जसपाल भट्टी ने कई बॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया। इनमें 1999 में आई फिल्म- जानम समझा करो, कारतूस, हमारा दिल आपके पास, जानी-दुश्मन, फनहा,आ अब लौट चले, ये है जलवा इत्यादि।
इसके साथ ही जसपाल ने पंजाबी फिल्मों में भी काम किया। इनमें शामिल है 1991 में आई 'जीजा जी' फिल्म, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। उन्होंने पंजाबी मूवी 'माहौल ठीक है' को भी डायरेक्ट किया। खास बात है कि जसपाल भट्टी ने कॉमेडी कलाकार सुनील ग्रोवर को अपने ही शो के माध्यम से पहला ब्रेक दिया था।
सड़क दुर्घटना में हुई मौत
देश के सबसे लोकप्रिय हास्य कलाकारों में शुमार जसपाल भट्टी की पंजाब राज्य के जालंधर शहर में साल 2012 में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। 57 वर्षीय भट्टी अपनी नई फिल्म 'पावर कट' के प्रचार के लिए मोगा से जालंधर जा रहे थे। उसी दौरान उनकी कार एक पेड़ से टकरा गई।
इस हादसे में कार चला रहे उनके बेटे जसराज और फिल्म की नायिका सुरीली गौतम घायल हो गई थीं, जबकि जसपाल भट्टी हादसे में बुरी तरह घायल हो गए और अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
किन मुद्दों पर दिया जोर
हास्य कलाकार ने भ्रष्टाचार, मुद्रास्फीति और कन्या भ्रूण हत्या जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर करने के लिए हास्य और व्यंग्य का सहारा लिया। उन्होंने स्ट्रीट थिएटर भी किया और 'नकली प्रेस कॉन्फ्रेंस' को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने अधिकारियों की विफलताओं का जमकर तंज किया। साल 2013 में उन्हें पद्म भूषण (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही उन्हें भारत के तीसरे सबसे बड़े नागरिक पुरस्कार सिविलयन अवार्ड से सम्मानित किया गया
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।