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    अमृतपाल सिंह का डिब्रूगढ़ जेल से बाहर आना तय, 22 अप्रैल को हो जाएंगे दो साल; क्या कहता है NSA कानून?

    Updated: Wed, 09 Apr 2025 09:54 PM (IST)

    अलगाववादी सांसद अमृतपाल की डिब्रूगढ़ जेल से 22 अप्रैल को रिहाई तय है क्योंकि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत अधिकतम दो साल की हिरासत पूरी हो रही है। हालांकि यूएपीए केस के चलते रिहाई के तुरंत बाद उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया जा सकता है। पंजाब सरकार उन्हें स्थानांतरित करने की तैयारी में है लेकिन कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।

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    अमृतपाल का डिब्रूगढ़ जेल से बाहर आना तय लेकिन खत्म नहीं होगी मुश्किलें (जागरण फोटो)

    रोहित कुमार, चंडीगढ़। राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद अलगाववादी सांसद अमृतपाल का जेल से 22 अप्रैल को बाहर आना तय है। इसका बड़ा कारण किसी भी व्यक्ति को एनएसए के तहत दो वर्ष से ज्यादा समय तक जेल में नहीं रखा जा सकता और 22 अप्रैल को अमृतपाल के दो वर्ष पूरे हो जाएंगे।

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    हालांकि, डिब्रूगढ़ जेल से रिहा होने के बाद भी उसकी मुश्किलें खत्म नहीं होने वालीं, क्योंकि उसके खिलाफ यूएपीए के तहत भी केस दर्ज है। ऐसे में पुलिस उसे डिब्रूगढ़ जेल से रिहा होने के तुरंत बाद फिर गिरफ्तार कर जेल भेजेगी।

    अमृतपाल के साथी को लाने डिब्रूगढ़ पहुंची पुलिस

    अमृतपाल के साथी रहे पपलप्रीत सिंह को डिब्रूगढ़ जेल से लाने के लिए अमृतसर पुलिस की एक टीम वहां चली गई है। इससे पहले उनके कई साथियों, जिन्हें उनसे पहले गिरफ्तार करके डिब्रूगढ़ जेल में भेजा गया था पर से राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम पहले से ही हटा लिया गया था। उन्हें पंजाब की स्थानीय जेलों में रखा गया है।

    अमृतपाल को डिब्रूगढ़ जेल में रखने की दो साल की अवधि भी 22 अप्रैल को खत्म हो जाएगी। ऐसे में उन्हें भी पंजाब में लाया जा सकता है। लेकिन सत्ता के गलियारों में इस बात को लेकर भी चर्चा है कि इनमें से कुछ को फिर से दूसरे राज्यों की जेलों में भेजा जाएगा।

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    चूंकि अभी इनमें से किसी के खिलाफ अदालत में चालान पेश करके केस नहीं चलाया गया हैस इसलिए ये विचाराधीन कैदी माने जाएंगे।

    ऐसे कैदियों को दूसरे राज्यों की जेलों में भेजने का कोई प्राविधान नहीं है। इसलिए हाल ही में बजट सत्र के दौरान सरकार ने जेल नियमों में संशोधन करने संबंधी बिल पारित करवाया जिसमें कहा गया है कि गैंगस्टर और खतरनाक किस्म के विचाराधीन कैदियों को पंजाब से दूसरे राज्यों की जेलों में रखा जा सकेगा।

    अमृतपाल का हो सकता है स्थानांतरन

    चूंकि यह बिल पारित होने के लिए राष्ट्रपति के पास जाना है, वहां इसमें समय लग सकता है। पंजाब पुलिस के उच्च अधिकारियों का कहना है कि अमृतपाल को पंजाब स्थानांतरित किए जाने की संभावना है, क्योंकि राज्य सरकार ने उनकी एनएसए अवधि को बढ़ाने के लिए कोई नया आदेश जारी नहीं किया है, जबकि अवधि समाप्त होने में केवल दो सप्ताह शेष हैं।

    अमृतपाल को 23 अप्रैल, 2023 को पंजाब से डिब्रूगढ़ जेल में भेजा गया था। अमृतपाल डिब्रूगढ़ जेल से ही 2024 का आम चुनाव लड़ा था। वह खडूर साहिब से सांसद है। हालांकि अभी तक उन्होंने लोकसभा का सत्र अटेंड नहीं किया है। इसे लेकर भी उन्होंने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रखी है।

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