अमृतपाल सिंह के आठ साथियों की बढ़ी पुलिस रिमांड, अजनाला थाने पर हमले के मामले में जांच जारी
खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के आठ साथियों को अजनाला कोर्ट ने तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। आरोपितों से पूछताछ की जा रही है और अजनाला थाने पर हमले के मामले में हथियार बरामद किए जाने बाकी हैं। आरोपितों में से एक अमनदीप सिंह को छोड़कर शेष सात को असम की डिब्रूगढ़ जेल से गिरफ्तार किया गया था।

जागरण संवाददाता, अमृतसर। पंजाब की खडूर साहिब सीट से सांसद खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) के आठ साथियों को मंगलवार की सुबह अजनाला कोर्ट (Ajnala Court) में पेश किया गया। कोर्ट ने मामले पर गौर करते हुए आरोपितों का तीन दिन का पुलिस रिमांड बढ़ा दिया है।
डीएसपी गुरविंदर सिंह ने बताया कि आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। अजनाला थाने पर किए गए हमले के मामले में आरोपितों से हथियार बरामद किए जाने बाकी है।
उल्लेखनीय है कि दो साल पहले अजनाला थाने पर हमले के आरोपित हरजीत सिंह, कुलवंत सिंह, गुरदीप सिंह, गुरमीत सिंह, भगवंत सिंह, दलजीत सिंह, बसंत सिंह और कुछ दिन पहले कोटकपुरा के पंजगराइयां गांव निवासी अमनदीप सिंह उर्फ अमना को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
डिब्रूगढ़ जेल से किया गया गिरफ्तार
अमनदीप सिंह को छोड़कर शेष सात आरोपितों को असम की डिब्रूगढ़ जेल से गिरफ्तार कर लाया गया था। यह सात आरोपित अपने आका व खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह, पपलप्रीत सिंह और वरिंदर सिंह जौहल के साथ डिब्रूगढ़ जेल में राष्ट्रीय सुरक्षा एक्ट के आरोप में बंद थे। आरोपितों से राष्ट्रीय सुरक्षा एक्ट (NSA) हटा लिया गया है।
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कौन हैं अमृतपाल सिंह
खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह (Who is Amritpal Singh) पंजाब की खडूर साहिब सीट से सांसद हैं। वह वारिस पंजाब दे का मुख्य भी है। अमृतपाल सिंह का जन्म 17 जनवरी साल 1993 में अमृतसर के जल्लूपुर खेड़ा में हुआ था। साल 2021 में अमृतपाल परिवार के ट्रांसपोर्ट के बिजनेस में शामिल हुआ और दुबई चला गया।
इसके बाद 2022 में अमृतपाल भारत लौटा और साल 2023 में अमृतसर के अजनाला थाने में हुई हिंसा के बाद अमृतपाल सुर्खियों में आया था। ऐसे आरोप थे कि अमृतपाल ने अपने सहयोगी लवप्रीत सिंह तूफान की गिरफ्तारी से नाराज होकर 23 फरवरी को अपने समर्थकों के साथ मिलकर अजनाला थाने पर हमला कर दिया था।
अमृतपाल सिंह के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत वारंट जारी किए गए थे। जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी एनएसए के तहत हुई। हालांकि, अमृतपाल सिंह और उसके साथियों पर से एनएसए हटा दिया गया है।
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