चंडीगढ़, जेएनएन। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नौ आतंकियों की सूची घोषित की है। इनमें से ज्यादातर तो पुराने ही हैं, लेकिन सिख फॉर जस्टिस के कानूनी प्रतिनिधि गुरपतवंत सिंह पन्नू को भी इस श्रेणी में शामिल कर लिया गया है। पन्‍नू के खिलाफ पंजाब में भी केस दर्ज है। उसके खिलाफ कुछ दिन पहले पंजाब के मोहाली में केस दर्ज हुआ था। वह लंबे समय से रेफरेंडम-2020 के लिए मुहिम चला रहा है। पन्‍नू के अलावा आठ और लोगों काे घोषित आतंकियों की सूची में शामिल किया गया है।

कुछ दिन पहले पंजाब के मोहाली में दर्ज हुआ था केस, लंबे समय से रेफरेंडम-2020 के लिए चला रहा मुहिम

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा घोषित इस सूची में पन्नू के अलावा बब्बर खालसा इंटरनेशनल के चीफ वधावा सिंह बब्बर, अंतरराष्ट्रीय सिख यूथ फेडरेशन के लखबीरसिंह, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के रंजीत सिंह नीटा, खालिस्तान कमांडो फोर्स के परमजीत सिंह पंजवड़ शामिल हैं। ये सभी दो दशक से भी ज्यादा समय से पाकिस्तान में हैं। ये पंजाब में आतंकवाद के दौर में आतंकी गतिविधियों में संलिप्त थे।

उनके अलावा जर्मनी में बसे खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के भूपेंदर सिंह भिंदा और गुरमीत सिंह बग्गा को भी घोषित आतंकियों की सूची में शामिल किया गया है। खालिस्तान टाइगर फोर्स से संबंधित व कनाडा में रह रहे हरदीप सिं व बब्बर खालसा इंटरनेशनल से संबंधित व इंग्लैंड में रह रहे परमजीत सिंह के नाम भी इस सूची में हैं। इस सूची में अब गुरपतवंत पन्नू का नाम भी जुड़ गया है, जो पंजाब में पिछले लंबे समय से रेफरेंडम-2020 के लिए मुहिम चला रहा है। फोन कॉल्स के जरिए आ रहे संदेशों के जरिए वह यहां के सिख युवाओं को रेफरेंडम के लिए उकसा कर रहा है।

काबिले गौर है कि गुरपतवंत की इन्हीं गतिविधियों पर दैनिक जागरण के प्लेटफॉर्म पर दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि वह इस मामले में कंद्रीय गृह मंत्रालय से बात करेंगे। इधर, 19 जून को ही मोहाली पुलिस ने  गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ देशद्रोह और बगावत के आरोपों में मामला दर्ज किया है। यह मामला पन्नू के उन रिकॉर्डिड संदेशों के लिए दर्ज किया गया है। इनमें पन्नू ने सेना के पंजाबी जवानों को उकसाने का प्रयास किया है।

मोहाली जिले के कुराली सदर थाने में दर्ज इस एफआइआर में पन्नू पर भादंसं की धारा 123ए (देशद्रोह), 131 (सेना में बगावत भड़काने), 153ए (किसी धर्म, भाषा या नस्ल आदि को अपमानित करना ) व अवैध गतिविधि निरोधक अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोप लगाए गए हैं। पता चला है कि पन्नू की ओर से कुछ सैनिकों को यह संदेश भेजने की जानकारी पंजाब विजिलेंस को मिलने पर पुलिस ने यह एफआइआर दर्ज की है।

रेड कॉर्नर नोटिस में भी पन्नू का नाम

आठ महीने पहले भी इंटरपोल ने आठ विभिन्न आतंकियों के नाम रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था, जिसमें खालिस्तान लिबरेशन के हरमीत सिंह उर्फ पीएचडी और पन्नू भी शामिल थे। उनके अलावा गुरजीत सिंह चीमा, जगदीश सिंह भौरा और गुरमीत सिंह बग्गा उर्फ डॉक्टर के नाम भी रेड नोटिस जारी किया है। 2016-17 में आरएसएस और शिवसेना नेताओं के पंजाब में हुईं हत्याओं के पीछे भी एनआइए ने पीएचडी, पन्नू और चीमा पर अंगुली उठाई थी।

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