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    चंडीगढ़ मेयर चुनाव में AAP के साथ गठबंधन पर नाखुश है पंजाब कांग्रेस, प्रताप बाजवा ने हाईकमान से की शिकायत

    Updated: Thu, 30 Jan 2025 06:00 AM (IST)

    Chandigarh Mayor Election 2025 चंडीगढ़ मेयर चुनाव में कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन का विरोध किया है। नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने पार्टी हाईकमान को बताया कि कैसे अमृतसर और फगवाड़ा में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस का मेयर बनने से रोका। बाजवा ने कहा कि हमने अपनी बात रख दी है अब फैसला पार्टी को लेना है।

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    चंडीगढ़ मेयर चुनाव में आप के साथ गठबंधन नहीं करना चाहती पंजाब कांग्रेस (फाइल फोटो)

    कैलाश नाथ, चंडीगढ़। Chandigarh Mayor Election 2025: पंजाब कांग्रेस की अगर चली तो चंडीगढ़ में आप का मेयर नहीं बनेगा। नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने इस संबंध में पार्टी हाईकमान को बता दिया है कि किस प्रकार से अमृतसर और फगवाड़ा में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस का मेयर बनने से रोका है।

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    बाजवा बुधवार को दिल्ली में ही थे। कांग्रेस ने उन्हें दिल्ली विधानसभा चुनाव में में सात विधान हलकों का वरिष्ठ पर्यवेक्षक लगाया है। बाजवा ने बताया ‘हमने अपनी बात रख दी है। आगे निर्णय पार्टी को लेना है।’

    बता दें कि अमृतसर में 41 पार्षदों के बावजूद 92 सदस्यों के हाउस में कांग्रेस अपना मेयर नहीं बना सकी। यही स्थिति फगवाड़ा में हैं। कांग्रेस के 3 पार्षद टूट कर आम आदमी पार्टी में चले गए हैं।

    कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि आम आदमी पार्टी ने पार्षदों को तोड़ने के लिए हरेक प्रकार के हथकंडे अपनाए। पुलिस बल का भी प्रयोग किया। हालांकि, अमृतसर में सरकार कांग्रेस का एक भी पार्षद नहीं तोड़ सकी, लेकिन बाकी नगर निगम में कांग्रेस के भी पार्षद टूट गए।

    चंडीगढ़ में आप के 13 पार्षद

    चंडीगढ़ में वीरवार को मेयर पद का चुनाव होना है। पिछली बार कांग्रेस के छह पार्षदों के समर्थन के कारण ही आम आदमी पार्टी चंडीगढ़ में मेयर बना सकी थी। चंडीगढ़ में आप के 13 पार्षद है। पंजाब कांग्रेस की परेशानी यह है कि जब भी वह आम आदमी पार्टी पर धक्केशाही का आरोप लगाती है तो उसके सामने सवाल खड़े हो जाते हैं कि चंडीगढ़ में तो उनका गठबंधन है।

    यही नहीं, पंजाब कांग्रेस की नजर 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव पर भी है। कांग्रेस जितना मर्जी आप को भाजपा के साथ जोड़ ले, लेकिन सवाल वहीं आकर खड़ा हो जाता है कि फिर चंडीगढ़ में आप के साथ गठबंधन क्यों? यही कारण है कि कांग्रेस किसी भी सूरत में चंडीगढ़ में भी समझौता नहीं चाहती।

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    बाजवा ने कहा, दिल्ली में हम अलग-अलग लड़ रहे हैं। हम नहीं चाहते की कांग्रेस चंडीगढ़ में आप के साथ समझौता रखे। हमने अपनी बात पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने रख दी है। अब फैसले का इंतजार है। 

    अमृतसर मेयर चुनाव विवाद को लेकर विवाद

    उधर, अमृतसर नगर निगम के मेयर चुनाव को रद करवाने की कांग्रेस नेता विकास सोनी की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि यह याचिका मेंटेनेबल नहीं है और चुनावी याचिका इलेक्शन ट्रिब्यूनल के सामने दाखिल की जा सकती है।

    कांग्रेस नेता विकास सोनी ने आरोप लगाया था कि उनकी पार्टी ने 40 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था, बावजूद इसके सत्तारूढ़ पार्टी ने बिना कोई चुनाव करवाए मेयर का चयन कर लिया। कांग्रेस पार्षदों ने विरोध भी जताया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कांग्रेस इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है।

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