PPE kit Scam: प्रिंसिपल कार्यालय से कई दस्तावेज गायब, दूसरी बार हुई जांच शुरू
सरकारी मेडिकल कालेज से संबंधित गुरु नानक देव अस्पताल में कोरोना काल में मेडिकल शिक्षा एवं खोज विभाग के तत्कालीन मंत्री ओमप्रकाश सोनी के कार्यकाल में ख ...और पढ़ें

अमृतसर, जागरण संवाददाता : सरकारी मेडिकल कालेज से संबंधित गुरु नानक देव अस्पताल में कोरोना काल में मेडिकल शिक्षा एवं खोज विभाग के तत्कालीन मंत्री ओमप्रकाश सोनी के कार्यकाल में खरीदी गईं पीपीई किट्स के घोटाले के आरोप की जांच दूसरी बार शुरू हुई है। दो साल पहले इन किट्स के घटिया क्वालिटी के होने के प्रमाण सामने आ चुके हैं।
AAP की सरकार बनने के बाद फिर हुई मामले की जांच
रक्षा एवं अनुसंधान विभाग (डीआरडीओ) की टेस्ट रिपोर्ट में ये किट्स घटिया क्वालिटी की पाई गई थीं। तब इश मामले में न तो केस दर्ज किया गया और ना ही किसी पर कार्रवाई की गई। आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद फिर इस मामले की जांच शुरू हुई है। बीते बुधवार को पटियाला मेडिकल कालेज के दो डाक्टरों ने अमृतसर आकर जांच शुरू की। जांच टीम ने प्रिंसिपल कार्यालय में रिकार्ड की मांग की थी। बताया जा रहा है कि कुछ रिकार्ड तो मिला, लेकिन अधिकतर खरीद के दस्तावेज गायब थे। प्रिंसिपल कार्यालय से जवाब मिला कि उनके पास पूरा रिकार्ड नहीं है। असल में 2020 में जब ये किट्स खरीदी थीं तब मेडिकल कालेज की प्रिंसिपल डा. सुजाता शर्मा थीं और जीएनडीएच के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा. रमन शर्मा।
विभाग की ओर से मामले की जांच तेज
दोनों ही अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। कर्मचारी यूनियन के प्रधान नरिंदर कुमार का आरोप है कि खरीद संबंधी सभी दस्तावेज गायब किए जा चुके हैं। जो अधिकारी सेवानिवृत्त हुए, वे सभी वित्तीय लाभ ले चुके हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने ही इन अधिकारियों को बचाने में सहयोग किया। विभाग की ओर से मामले की जांच तेज कर दी गई है। जल्द ही दोषियों का चेहरा बेनकाब होगा।

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