असिस्टेंट प्रोफेसर सुसाइड मामला: ज्ञानी रघबीर सिंह ने जताई नाराजगी, बोले- सरकारी अत्याचार से तंग आकर की आत्महत्या
महिला प्रोफेसर बलविंदर कौर (Balwinder Kaur) द्वारा आत्महत्या किए जाने के बाद श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने सीएम मान के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान को दोषी ठहराते हुए नैतिकता के तौर पर इस्तीफा देने को कहा है। उन्होंने दोषी मंत्रियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के लिए कहा है।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। Punjab News: पंजाब के रूपनगर में अस्टिंटे प्रोफेसर (Assistant female professor suicide) ने नियुक्ति होने के बाद स्टेशन अलॉट ना होने के चलते परेशान होकर नहर में कूद कर खुदखुशी कर ली।
महिला प्रोफेसर बलविंदर कौर (Balwinder Kaur) द्वारा आत्महत्या किए जाने के बाद से ही सियासी पारा गर्माया हुआ है। कई विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे पर मान सरकार पर निशाना साधा। इसी कड़ी में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह भी सीएम मान पर बरस पड़े।
रघबीर ने सीएम मान के इस्तीफे की मांग की
जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने अमृतधारी बेरोजगार महिला प्रोफेसर बलविंदर कौर द्वारा आत्महत्या कर अपनी जीवनलीला समाप्त करने की घटना का गंभीर नोटिस लिया है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान को दोषी ठहराते हुए नैतिकता के तौर पर इस्तीफा देने को कहा है।
जत्थेदार ने आगे कहा है कि ऐसे शासक को ऐसे सत्ता पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, जिसके नागरिकों को सरकारी अत्याचार तथा अन्याय से तंग आकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने के लिए मजबूर होना पड़े।
'दोषी मंत्री तथा अधिकारियों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई'
रघबीर सिंह ने कहा कि इससे बड़ी शर्मनाक बात किसी राज्य के मुख्यमंत्री के लिए भला क्या हो सकती है नहीं कि उसकी जनता को रोजगार का हक न मिलने के कारण आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़े।
(महिला प्रोफेसर द्वारा लिखा गया सुसाइड लेटर)
उन्होंने कहा कि अमृतधारी महिला प्रोफेसर बलविंदर कौर द्वारा आत्महत्या नोट में सरकार के ऊपर लगाए गए दोषो को गंभीरता से लेते हुए मान को इसकी गहन जांच करवानी चाहिए। दोषी मंत्री तथा अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए , बेशक उक्त मंत्री या अधिकारी कितने भी ताकतवर पद पर क्यों ना आसीन हो।
'मुख्यमंत्री के लिए इससे बड़ी असफलता और कुछ नहीं हो सकती'
रघबीर सिंह ने कहा कि अपनी जनता को रोजगार दिलाना हर एक शासक का पहला धर्म होता है। जब जनता को इतनी महंगी शिक्षा ग्रहण करने के बावजूद रोजगार हासिल करने के लिए नन्हे बच्चों के साथ सड़कों पर रूलना पड़े तथा सरकारी अत्याचार सहन करना पड़े तो इससे बड़ी मुख्यमंत्री की असफलता कोई ओर नहीं हो सकती है।
उन्होंने कहा कि बेशक आत्महत्या करना किसी समस्या का हल नहीं है। गुरु साहिब ने अपने अधिकारों को हासिल करने के लिए संघर्ष करना सिखाया है। ताकि घोर अन्याय के खिलाफ जिंदगी की जंग हारनी ना पड़े। रूपनगर सिविल अस्पताल के शवगृह के सामने सहायक प्रोफेसर बलविंदर कौर के आत्महत्या मामले में इंसाफ की मांग को लेकर भाजपा महिला पंजाब की प्रधान जय इंदर कौर धरने में शामिल हुई।
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