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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारतीय प्रवासियों को छोड़कर अमेरिकी विमान ने भरी वापसी की उड़ान, US से लौटे हर यात्री का हुआ वेरिफेकशन

Published: Wed, 05 Feb 2025 05:47 PM (IST)

अमेरिकी सैन्य विमान C-17 ने 104 अवैध भारतीयों को पंजाब के अमृतसर एयरपोर्ट पर उतारने के बाद वापसी के लिए ...और पढ़ें

पंजाब के अमृतसर एयरपोर्ट पर खड़ा अमेरिकी विमान (फोटो एजेंसी)
पंजाब के अमृतसर एयरपोर्ट पर खड़ा अमेरिकी विमान (फोटो एजेंसी)

HighLights

  1. अमेरिका से लौटे 104 अवैध भारतीयों का यह पहला जत्था था
  2. नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह अमेरिका की यात्रा पर जा रहे हैं
  3. डंकी मार्ग से अमेरिका भेजने में दुबई के एजेंटों का हाथ

जागरण संवाददाता, अमृतसर। 104 अवैध भारतीयों को लेकर पंजाब के अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरा अमेरिकी सैन्य विमान C-17 ने वापसी के लिए उड़ान भर ली है। जानकारी के अनुसार, विमान ने करीब शाम 5 बजकर 22 मिनट पर उड़ान भरी। 

विमान में सवार हर निर्वासित भारतीय नागरिक का वेरिफिकेशन भी किया गया। खबर के अनुसार, विमान कई अमेरिका में मौजूद अवैध भारतीय अप्रवासियों को वापस लाएगा। 104 अवैध भारतीयों का यह पहला जत्था था।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कार्यभार संभालते ही सबसे पहले अवैध अप्रवासियों पर नकेल कसना शुरू किया।  इससे पहले, अमेरिकी सैन्य विमानों ने ग्वाटेमाला, पेरू और होंडुरास में निर्वासित अप्रवासियों को वापस भेजा है। 

पीएम मोदी जाएंगे अमेरिका

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह अमेरिका की यात्रा पर जा रहे हैं। ट्रंप के दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पहली यात्रा होगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि जब अवैध भारतीय अप्रवासियों को वापस लेने की बात आएगी तो भारत "वही करेगा जो सही होगा।

फोटो कैप्शन: अमेरिका से लौटे यात्रियों से बात करते हुए कैबिनेट मंत्री

कुलदीप धालीवाल ने की भारत आए यात्रियों से बातचीत

अमृतसर श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के एविएशन क्लब में डिपोर्ट होकर भारत आए लोगों से कैबिनेट मंत्री कुलदीप धालीवाल ने वार्ता की। उन्होंने कहा कि भारत आए सभी याात्री ठीक-ठाक हैं। सभी का पेपर वर्क हो रहा है और उन्हें जल्द  भेज दिया जाएगा।

मंत्री ने अमेरिकी के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मामला काफी गंभीर है। केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री से आग्रह है कि वो ट्रम्प से बात करके इसका हल निकाले।

ट्रम्प मोदी के दोस्त है, इसलिए वो उनसे बात करें। भारतीयों पर डिपोर्ट की जो तलवार लटक रही है वह उसकी ढाल बने। पंजाब से गए लोगों से मेरी बात हुई है वह ज्यादातर दुबई के एजेंट के जरिए अमेरिका गए थे।

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'अवैध प्रवास कर विदेश गए लोगों को स्वीकार करेंगे'

इससे पहले अवैध प्रवासियों को लेकर नई दिल्ली में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि हम अवैध प्रवास के खिलाफ हैं, खासकर इसलिए क्योंकि यह संगठित अपराध के कई रूपों से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने आगे कहा, न केवल अमेरिका में बल्कि दुनिया में कहीं भी रहने वाले भारतीयों के लिए, अगर वे भारतीय नागरिक हैं और वे निर्धारित समय से अधिक समय तक रह रहे हैं या वे उचित दस्तावेजों के बिना किसी विशेष देश में हैं, तो हम उन्हें वापस ले लेंगे, बशर्ते कि वे हमारे साथ दस्तावेज साझा करें ताकि हम उनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि कर सकें।

प्रवक्ता ने कहा कि वेरिफिकेशन इसलिए जरूरी है क्योंकि यह जाना जा सके कि वह वास्तव में भारतीय ही है। अगर ऐसा होता है तो हम उन्हें वापस लाने में मदद करेंगे।

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