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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नशा बना नासूर! अमृतसर के इस गांव में 100 सुहागिनें हो गईं विधवा, सामने आई रूह कंपाने वाली सच्चाई

Published: Wed, 29 Jan 2025 11:54 AM (IST)

Punjab News गुमटाला इलाके में नशे की समस्या ने कई महिलाओं को विधवा बना दिया है। एक राशन वितरण कार्यक्रम ...और पढ़ें

राशन वितरण कार्यक्रम में पहुंचीं विधवा महिलाएं। (फोटो- जागरण)
राशन वितरण कार्यक्रम में पहुंचीं विधवा महिलाएं। (फोटो- जागरण)

HighLights

  1. नशा मुक्ति केंद्र से भागे, फिर नशे में फंसे, सांसद का प्रयास विफल
  2. अमृतसर के गुमटाला में नशे के कारोबार का दिखा घिनौना रूप

नितिन धीमान, अमृतसर। गुमटाला निवासी सुरजीत कौर काल्पनिक नाम की आयु महज 35 वर्ष है। तीन वर्ष पूर्व उसके पति की मौत हो गई। निसंदेह, पति की मौत के पश्चात सुरजीत कौर का जीवन बेरंग हो गया। मौत का कारण था नशा। इस सामाजिक बुराई की चपेट में आकर उसका पति कम आयु में जान गंवा बैठा। पीछे छूट गई पत्नी, एक बेटी व बेटा।

100 महिलाओं का उजड़ गया सुहाग

सुरजीत जैसी अनेकानेक महिलाएं हैं जो गुमटाला क्षेत्र में फैली नशे की बुराई के कारण अपना सुहाग गंवा बैठीं। इस बात का प्रमाण एक राशन वितरण कार्यक्रम के दौरान मिला। गुमटाला में लगाए गए इस राशन वितरण कार्यक्रम में 150 विधवा महिलाएं पहुंची थीं। इनमें 100 महिलाओं का सुहाग उजड़ने का कारण नशा बना। सभी के पतियों की पिछले तीन से छह साल में नशे के कारण मौत हुई थी।

नशे के लिए बदनाम है गुमटाला इलाका

दरअसल, एयरपोर्ट रोड बाईपास पर स्थित गुमटाला इलाका नशे के लिए बदनाम है। वर्ष 2019 में सांसद गुरजीत सिंह औजला ने पहलकदमी कर घर-घर दस्तक दी और नशा पीड़ितों को प्रशासन की सहायता से घर से निकालकर नशा मुक्ति केंद्र पहुंचाया था।

दुखद पक्ष यह है कि ये नशा पीड़ित एक दिन ही नशा मुक्ति केंद्र में रहकर भाग निकले और फिर से नशा सेवन में जुट गए। वर्तमान में स्थिति यह है कि वृद्ध, वयस्कों के साथ-साथ किशोर भी नशा सेवन में जुटे हैं। चिट्टा, अफीम, गांजा, चरस जैसे मादक पदार्थों का सेवन कर रहे हैं।

यही नशा सुहागिनों को सफेद वस्त्र पहनने को विवश कर रहा है। कार्यक्रम में राशन लेने पहुंची एक अन्य महिला ने बताया कि उसका पति शराब के साथ-साथ चिट्टे का नशा भी करता था। नशे के अत्यधिक सेवन के कारण उसकी मौत हो गई।

उसके जैसी असंख्य महिलाएं हैं, जिनके सिर पर पति का साया नहीं है और वे दो वक्त की रोटी की मोहताज हैं। वहीं, एक अन्य महिला ने बताया कि वह बच्चों की फीस नहीं भर पाई। इसलिए स्कूल से हटाकर बच्चों को काम पर लगाया है, ताकि परिवार का भरण पोषण चल सके।

लोगों ने पुलिस पर भी लगाया ये आरोप

राशन वितरण कार्यक्रम में पहुंची महिलाओं ने अपनी पीड़ा नेत्रों में दफन कर ली है। उनके सम्मुख चुनौतियों का ऐसा पहाड़ है जिससे पार पाना बेहद जटिल है। गुमटाला में नशे की आपूर्ति कुछ स्थानीय लोग कर रहे हैं।

क्षेत्रवासी साजन का कहना है कि पुलिस इन नशा तस्करों को नहीं पकड़ती। नशे से हमारा भविष्य बर्बाद हो रहा है। कई लोग तो इस क्षेत्र से जा चुके हैं। हालात ऐसे हैं कि अब तो लोग यहां मकान खरीदने में भी संकोच करते हैं।

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नशा एक व्यापक समस्या बन चुकी है। पंजाब सरकार नशा खत्म करने का दावा करती है, पर वास्तविकता कुछ और है। मैं इस संबंध में पुलिस कमिश्नर से बैठक करके नशा तस्करों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने को कहूंगा। वहीं, नशा पीड़ितों को नशा मुक्ति केंद्रों में पहुंचाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।

गुरजीत सिंह औजला, सांसद

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