Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    SP नेता नरेश अग्रवाल बोले, केजरीवाल से चपरासी जैसा बर्ताव करते हैं एलजी

    By JP YadavEdited By:
    Updated: Fri, 29 Dec 2017 07:11 PM (IST)

    SP सांसद नरेश अग्रवाल के इस बयान के बाद विभिन्न विपक्षी दलों का समर्थन भी मिला है। ...और पढ़ें

    News Article Hero Image
    SP नेता नरेश अग्रवाल बोले, केजरीवाल से चपरासी जैसा बर्ताव करते हैं एलजी

    नई दिल्ली (जेएनएन)। समाजवादी पार्टी (SP) के राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल ने दिल्ली के उपराज्यपाल को लेकर अजब बयान दिया है। उन्होंने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि दिल्ली सरकार के पास कोई शक्ति नहीं है। इतना ही नहीं SP सांसद ने कहा कि  दिल्ली के मुख्यमंत्री के साथ एलजी चपरासी के जैसा व्यवहार करते हैं। यह किसी भी मुख्यमंत्री का अपमान है। 

    कहा जा रहा है कि जहां एक ओर दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार और उपराज्यपाल के बीच की खींचतान जहां सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुकी है, वहीं SP सांसद नरेंद्र अग्रवाल के इस बयान के बाद विभिन्न विपक्षी दलों का समर्थन भी मिला है। 

    यह भी पढ़ेंः जानें- क्यों योगी की PM मोदी ने की तारीफ, माया-मुलायम से भी जुड़ा है मामला

    राज्यसभा में बृहस्पतिवार को चार पार्टियों ने दिल्ली में इन दोनों के बीच चल रही खींचतान को खत्म करने की मांग की। वहीं इसी कड़ी मेंसमाजवादी पार्टी ने कहा कि कि केंद्र सरकार के एलजी चीफ मिनिस्टर अरविंद केजरीवाल के साथ चपरासी की तरह व्यवहार करते हैं।

    यह भी पढ़ेंः RS चुनाव को लेकर AAP में फिर महाभारत, जानें किसने-किसको बताया 'कौरव'

    राज्यसभा में यूं शुरू हुआ मामला

    नोएडा से कालिंदी कुंज मार्ग पर दिल्ली मेट्रो रेल सेवा के उद्घाटन समारोह में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आमंत्रित नहीं करने और दिल्ली सरकार को अधिकार देने का मुद्दा राज्यसभा में बृहस्पतिवार को विपक्षी दलों ने उठाया।

    राज्यसभा में दिल्ली विशेष उपबंध संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान सपा के नेता रामगोपाल यादव ने दिल्ली मेट्रो की एक महत्वपूर्ण सेवा के उद्घाटन में दिल्ली के मुख्यमंत्री को नही बुलाने को गलत परंपरा की शुरुआत कहा। उनका कहना था कि हर व्यक्ति कह रहा है कि यह गलत था।

    यह भी पढ़ेंः दिल्ली में चली चालक रहित मेट्रो, चीन-US जैसे गिने-चुने देशों की फेहरिस्त में भारत

    उन्होंने अटल बिहारी बाजपेयी का उदाहरण देते हुए कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री ने किसी कार्यक्रम में इस वजह से जाने से इन्कार कर दिया था, क्योंकि उसमें संबंधित राज्य के सीएम को नहीं बुलाया गया था।वहीं, इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के नदीमुल हक ने इसे ओछी राजनीति बताया है।