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'ये सीएम बनना चाहते हैं, कितनी शर्म की बात है', तमिलनाडु भगदड़ के लिए DMK ने विजय को ठहराया जिम्मेदार

Published: Sat, 27 Sep 2025 10:42 PM (IST)Updated: Sat, 27 Sep 2025 10:43 PM (IST)

तमिलनाडु के करूर जिले में अभिनेता विजय की रैली में भगदड़ मचने से 3 लोगों की मौत हो गई जिससे ...और पढ़ें

तमिलनाडु में भगदड़ के लिए डीएमके ने विजय को ठहराया जिम्मेदार।
तमिलनाडु में भगदड़ के लिए डीएमके ने विजय को ठहराया जिम्मेदार।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तमिलनाडु के करूर जिले में टीवीके प्रमुख विजय की रैली के दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें भीड़ के कुचलने से 31 लोगों के मारे जाने की आशंका है। इस बीच डीएमके प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कहा कि माता-पिता द्वारा अपने बच्चों को गोद में लेकर जाने वाले दृश्य बेहद परेशान करने वाले हैं।

अन्नादुरई ने कहा, "जो त्रासदी सामने आई है, वह अविश्वसनीय है। आप विश्वास नहीं कर सकते कि तीन बच्चों की मौत हो गई है और जिस तरह से तीनों बच्चों के माता-पिता उनकी मौत पर शोक व्यक्त कर रहे हैं, ये दृश्य बेहद परेशान करने वाले हैं।"

डीएमके ने एक्टर विजय को ठहराया जिम्मेदार

डीएमके नेता ने इस त्रासदी के लिए अभिनेता से नेता बने विजय को जिम्मेदार ठहराया और दावा किया कि लोगों को तपती धूप में घंटों इंतजार करना पड़ा। उन्होने आरोप लगाया कि यह घटना इस कार्यक्रम के आयोजकों द्वारा सोची-समझी चाल है।

यह एक आपराधिक लापरवाही है- डीएमके

डीएमके नेता ने बताया कि विजय ने स्पष्ट कर दिया था कि कार्यक्रम सुबह 8:45 बजे शुरू होना था, लेकिन शुरुआत में उन्होंने 8:45 बजे कार्यक्रम शुरू नहीं किया। उन्होंने लगभग छह घंटे इंतजार किया। वे सभी वहां मौजूद थे। उन्होंने ऐसा क्यों किया? उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि भीड़ जुटाई जा सके। यह उन आयोजकों द्वारा रची गई एक घटिया चाल है और यही कारण है कि यह आपराधिक लापरवाही है।

'मामले में विजय दोषी हैं'

डीएमके नेता ने जोर देकर कहा, "जो भी जिम्मेदार है उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए। इस मामले में विजय दोषी हैं। वे दोष से बच नहीं सकते।"

कैसे मची भगदड़?

पुलिस सूत्रों ने बताया कि भगदड़ उस जगह पर भीड़ के गिरने से शुरू हुई, जहां से बड़ी संख्या में लोग आगे बढ़ रहे थे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने अनुमान लगाया कि जहां विजय को नमक्कल में अपनी पिछली रैली के बाद भाषण देना था, उस जगह पर कम से कम 30,000 लोग इकट्ठा हुए थे। हालांकि, उनके आने में छह घंटे से ज़्यादा की देरी हुई, और तब तक भीड़ बेकाबू हो चुकी थी।

डीएमके नेता ने कहा, "आप (विजय) नियमों का पालन करने को भी तैयार नहीं हैं और मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। कितनी शर्म की बात है।"

विजय की रैलियों को लेकर विवाद

यह पहली बार नहीं है, जब विजय की रैलियां सवालों के घेरे में आई हों। इसी महीने की शुरुआत में त्रिची में विजय की पहली रैली में उनके काफिले को हवाई अड्डे से कार्यक्रम स्थल तक ले जाने के लिए भारी भीड़ उमड़ी थी, जिससे 20 मिनट का सफर छह घंटे के ट्रैफिक जाम में बदल गया, जिससे शहर थम सा गया।

एमके स्टालिन ने क्या कहा?

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस त्रासदी पर शोक व्यक्त करते हुए एक्स पर लिखा, "करूर से मिली खबरें दुखद हैं। मैंने स्वास्थ्य मंत्री, कलेक्टर और पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी को बेहोश हुए लोगों के तत्काल इलाज के आदेश दिए हैं। एडीजीपी को सामान्य स्थिति बहाल करने का काम सौंपा गया है। मंत्री अंबिल महेश को युद्धस्तर पर मदद मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है। मैं जनता से पुलिस के साथ सहयोग करने की अपील करता हूं।"

बता दें कि विजय राज्य भर का दौरा कर रहे हैं और जनसभाओं के माध्यम से सभी 38 जिलों को कवर करेंगे। दौरे के दौरान ज्यादातर कार्यक्रम शनिवार को होंगे। रविवार को केवल एक कार्यक्रम निर्धारित है।

डीएमके नेता ने कहा, "वह एक अभिनेता हैं, इसलिए लोग इंतजार कर रहे थे और उन्होंने इसका फायदा उठाया। वह राजनीतिक रूप से उनका फायदा उठाना चाहते थे और देखना चाहते थे कि क्या हुआ है और विजय को जिम्मेदारी लेनी होगी। विजय दोषी हैं।"

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