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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

महाराष्ट्र चुनाव के परिणामों से संतुष्ट नहीं विपक्ष, EVM को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी

By Agency Edited By: Jeet Kumar
Published: Wed, 11 Dec 2024 01:10 AM (IST)

महाराष्ट्र में हालिया विधानसभा चुनाव के दौरान ईवीएम में हेरफेर का आरोप लगाते हुए विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट जाने ...और पढ़ें

विपक्ष कथित ईवीएम हेरफेर को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा (फोटो- एक्स)
विपक्ष कथित ईवीएम हेरफेर को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा (फोटो- एक्स)

HighLights

  1. दिल्ली में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव
  2. विपक्ष कथित ईवीएम हेरफेर को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा
  3. सुप्रीम कोर्ट ईवीएम मशीन को लेकर लगा चुका है फटकार

 पीटीआई, नई दिल्ली। महाराष्ट्र में आइएनडीआईए गठबंधन हाल के विधानसभा चुनावों में ईवीएम में कथित हेरफेर को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है। चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने के फैसले की जानकारी राकांपा-शरद पवार के नेता प्रशांत जगताप ने दी। वे हाल ही में पुणे की हडपसर सीट से विधानसभा चुनाव हार गए थे।

इस फैसले की घोषणा यहां राकांपा-एसपी प्रमुख शरद पवार, आप संयोजक अरविंद केजरीवाल और जाने-माने वकील और कांग्रेस नेता अभिषेक सिंघवी के बीच हुई बैठक के बाद की गई। पवार अपनी पार्टी के उन नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं जो विधानसभा चुनाव हार गए हैं।

दिल्ली में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव

आइएनडीआईए गठबंधन ने दावा किया है कि भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन के पक्ष में ईवीएम में कथित हेरफेर के कारण वह महाराष्ट्र में चुनाव हारा। पिछले महीने हुए चुनावों में, भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने 288 सदस्यीय सदन में 235 सीटें जीतीं, जबकि विपक्षी महा विकास अघाड़ी गठबंधन को मात्र 46 सीटें मिलीं। पवार के साथ बैठक के दौरान केजरीवाल ने दिल्ली में मतदाता सूचियों से संबंधित चिंताओं को जाहिर किया। दिल्ली में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।

हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का दृढ़ता से समर्थन करता रहा है और कई निर्णयों में उनकी पवित्रता को बरकरार रखा है। हाल ही में एक सुनवाई के दौरान, न्यायाधीशों ने छेड़छाड़ के आरोपों पर याचिकाकर्ताओं को फटकार लगाते हुए पूछा था कि क्या "जब आप जीतते हैं तो ईवीएम से छेड़छाड़ नहीं की जाती है?"

सुप्रीम कोर्ट ईवीएम मशीन को लेकर लगा चुका है फटकार

अदालत ने इस साल की शुरुआत में एक सुनवाई के दौरान कहा था, "ईवीएम महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करते हैं। उन्होंने वोट डालने की दर को प्रति मिनट चार वोट तक सीमित करके बूथ कैप्चरिंग को प्रभावी ढंग से समाप्त कर दिया है, जिससे आवश्यक समय बढ़ गया है और फर्जी वोट डालने पर रोक लग गई है।" अदालत ने कहा कि ईवीएम ने अवैध वोटों को भी खत्म कर दिया है, जो कागजी मतपत्रों के साथ एक प्रमुख मुद्दा था और अक्सर गिनती प्रक्रिया के दौरान विवादों को जन्म देता था।

महाराष्ट्र की सभी सीटों पर ईवीएम-वीवीपैट पर्ची के मिलान में नहीं मिला कोई अंतर

ईसीआइ द्वारा जारी बयान के अनुसार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में रैंडम ढंग से चुने गए पांच मतदान केंद्रों पर वीवीपैट पर्ची से मतों के मिलान की गिनती की अनिवार्य प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है। इसमें किसी भी प्रकार का अंतर नहीं मिला है।

महाराष्ट्र में 288 विधानसभा क्षेत्रों में सभी सीटों के पांच रैंडम मतदान केंद्रों को मिलाकर कुल 1440 वीवीपैट के साथ ईवीएम के मतों का मिलान किया गया। प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों और चुनाव आयोग के पर्यवेक्षकों द्वारा रैंडम रूप से मतदान केंद्रों का चयन किया गया। वीवीपैट पर्ची की गिनती का मकसद ईवीएम में दर्ज किए गए वोटों की तुलना में वीवीपैट में प्रिंट वोटों का मिलान करना है, जिससे पारदर्शी मतदान सुनिश्चित किया जा सके। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान प्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहते हैं।

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