Congress President Poll: समर्थन जुटाने तमिलनाडु पहुंचे थरूर, बोले- कांग्रेस को युवाओं की पार्टी बनाने का इरादा
तिरुअनंतपुरम से सांसद थरूर ने चेन्नई में अध्यक्ष पद चुनाव का प्रचार किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस को युवाओं की पार्टी बनाना चाहते हैं। कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि उनके पक्ष में समर्थन बढ़ता जा रहा है।

चेन्नई, पीटीआइ। कांग्रेस अध्यक्ष पद के दावेदार नेता शशि थरूर ने कहा है कि वे कांग्रेस को युवाओं की पार्टी बनाना चाहते हैं। उन्होंने गुरुवार को यहां कहा कि उनके पक्ष में समर्थन लगातार बढ़ता जा रहा है। तिरुअनंतपुरम से सांसद थरूर ने चेन्नई में एक अध्यक्ष पद चुनाव के प्रचार के दौरान कहा कि उनकी पार्टी राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा और अध्यक्ष पद के चुनाव को किस तरह से देखती है, यह सबसे ज्यादा मायने रखता है।
युवाओं से मिल रहा भारी समर्थन
इस पर बाहर के लोग क्या सोचते हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव 17 अक्टूबर को होना है। चुनाव में थरूर का मुकाबला मल्लिकार्जुन खड़गे से है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज को पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद पत्रकारों से चर्चा में थरूर ने कहा कि उन्हें पार्टी के आम कार्यकर्ताओं, खासकर युवाओं से भारी समर्थन मिल रहा है।
युवा देश के भविष्य
शशि थरूर ने कहा कि यह उनके लिए बहुत खुशी की बात है कि जो युवा भविष्य हैं और हमारे देश में बहुसंख्यक भी हैं, उन्होंने चुनाव में उनका समर्थन किया है। हमारी आबादी का 65 प्रतिशत हिस्सा 35 वर्ष और उससे कम आयु के लोगों का है। यह उनका देश है, यह एक युवा भारत है।
युवा भारत की पार्टी बने कांग्रेस
उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि कांग्रेस युवा भारत की पार्टी बने। मैं युवा भारत की आकांक्षाओं, सपनों और आशाओं का प्रतिनिधित्व करना चाहता हूं, जैसा कि राजीव गांधी ने 40 साल पहले करने का प्रयास किया था। मैं युवाओं का समर्थन पाकर बहुत खुश हूं।
समर्थन मिलने की कही बात
शशि थरूर ने इस बात पर भी जोर दिया कि पार्टी के वरिष्ठों ने भी उन्हें अपना समर्थन देने का वादा किया है। थरूर ने बताया कि उन्हें गुरुवार को अपने गृह राज्य केरल में एक 91 वर्षीय प्रतिनिधि का फोन आया, जिन्होंने कहा कि वे युवा तो नहीं लेकिन थरूर में भविष्य को देखते हैं।
कोई नहीं जानेगा, किसने किसे वोट दिया
थरूर ने कहा कि अध्यक्ष पद के लिए मतदान गुप्त मतपत्र के जरिये होगा। इससे कोई नहीं जान पाएगा कि किस नेता ने किस उम्मीदवार को वोट दिया। किस राज्य इकाई ने किस प्रत्याशी का समर्थन किया, इसकी जानकारी भी किसी को नहीं होगी।
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