नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। पार्टी पदाधिकारियों की दो दिन चली बैठक में भाजपा ने पहले से चल रहे घर-घर संपर्क अभियान को और सघन बनाने का फैसला लिया है। यानी हर घर की कुंडी खड़काकर केवल उपलब्धियां ही नहीं बताई जाएंगी, बल्कि घर में बैठकर उनसे फीडबैक भी लिया जाएगा। उनकी समस्याओं के समाधान पर भी चर्चा होगी और संपर्क से बढ़कर संबंध बनाने की कोशिश होगी।

विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा

दो दिन तक चली बैठक में संगठन के अब तक के कार्यक्रमों की समीक्षा भी की गई और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा भी की गई। बताया जाता है कि बैठक में नरेन्द्र मोदी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उससे करोड़ों लोगों के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलाव पर विस्तृत रिपोर्ट पेश की गई।

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लोगों के पास नहीं है सही जानकारी

जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में पिछले आठ साल में भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। वहीं वैश्विक मंच पर भारत एक प्रमुख किरदार के रूप में सामने आया है, लेकिन समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि अब भी बड़ी संख्या में ऐसे भी लोग हैं, जिन्हें देश की इन उपलब्धियों और सरकार की योजनाओं के बारे में सही जानकारी नहीं है। इसी वजह से एक वर्ग सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार कर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश करता है।

जनता से किया जाएगा सीधा संपर्क

इस दुष्प्रचार से निपटने के लिए आम जनता से सीधे संपर्क कर उन्हें सरकार की उपलब्धियों की जानकारी देना सबसे सटीक उपाय है। वैसे तो भाजपा इसके पहले भी जनसंपर्क अभियान चलाती रही है, लेकिन पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों की माने तो इस बार घर-घर संपर्क अभियान सबसे अलग और व्यापक होगा।

सरकार के कामकाज के बारे में लोगों की जानेंगे राय

पार्टी के अनुसार, घर-घर संपर्क अभियान के दौरान भाजपा कार्यकर्ता सिर्फ लोगों को पार्टी की उपलब्धियों को गिनाने वाले पर्चे ही नहीं देंगे, बल्कि घर में बैठकर उनसे बातचीत भी करेंगे। इस दौरान आम लोगों की सरकार के कामकाज के बारे में राय भी जानेंगे। इस घर-घर संपर्क अभियान की केंद्रीय स्तर पर निगरानी भी की जाएगी।

चुनावी राज्यों को लेकर कार्यकर्ताओं को मिले खास निर्देश

इसके साथ ही बैठक में कर्नाटक, त्रिपुरा, नागालैंड, तेलंगाना, राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की गई। इन राज्यों में 2023 में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनावी राज्यों वाले पार्टी पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि अंतिम समय में जनता के बीच पहुंचने के बजाय कार्यकर्ताओं और नेताओं को तत्काल जनसंपर्क अभियान में जुटना होगा।

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144 सीटों पर फोकस

बैठक में लोकसभा में उन 144 सीटों पर विशेष चर्चा हुई, जिन पर भाजपा अभी तक नहीं जीत पाई है। भाजपा ने इन सीटों पर जीत की रणनीति बनाने के लिए केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी थी, जिसके तहत उन्हें इन क्षेत्रों में प्रवास कर वहां के राजनीतिक और सामाजिक समीकरण के साथ-साथ भाजपा की जीत की रोडमैप के साथ रिपोर्ट देनी थी।

अहम हो सकती हैं ये सीटें

इनमें अधिकांश सीटों की रिपोर्ट आ गई है। इसके आधार पर इन सीटों पर भाजपा सघन अभियान चलाने का फैसला किया है। 2024 की जीत को 2019 की जीत से बड़ी करने में ये सीटें भाजपा के लिए अहम साबित हो सकती है। 

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Edited By: Achyut Kumar

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