नई दिल्ली, [जागरण स्पेशल]। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने PM Narendra Modi के बाद UNGA के 74वें सत्र को संबोधित किया। जहां एक तरफ पीएम मोदी ने विश्व शांति, जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बात की, वहीं इमरान खान ने विश्व के इस सबसे बड़े मंच का इस्तेमाल एक बार फिर कश्मीर राग अलापने के लिए किया। हर देश को अपनी बात रखने के लिए लगभग 15 मिनट का समय दिया दिया जाता है। PM Modi ने 17 मिनट में अपनी बात पूरी कर ली, जबकि इमरान खान बार-बार बज रहे सायरन बजने के बाद भी बोलते रहे और उन्होंने आधे घंटे से ज्यादा वक्त लिया। इस दौरान उन्होंने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के मुद्दे पर भारत को कटघरे में खड़ा करने की नाकाम कोशिश की। अब भारत की बारी है। भारत राइट टू रिप्लाई का इस्तेमाल करके इमरान खान को उन्हीं की भाषा में जवाब देने की तैयार कर रहा है।

इमरान को सायरन सुनाई नहीं देता

संबोधन के लिए लगभग 15 मिनट का समय दिया गया था। हो सकता है पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की घड़ी खराब हो क्योंकि उन्होंने तय समय-सीमा से काफी ज्यादा वक्त लिया और इस दौरान कश्मीर राग अलापते रहे। करीब 67 साल के हो चुके इमरान खान को शायद सुनाई भी कम पड़ता है, यही कारण होगा कि उन्हें समय खत्म होने का सायरन सुनाई नहीं दिया। लगता है उम्र का असर उनकी नजर पर भी पड़ा है, शायद यही कारण है कि बार-बार जल रही लाल बत्ती भी उन्हें नहीं दिखायी दी। वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शायरन हो या लाल बत्ती यह सभी समय खत्म होने की ओर इशारा कर रहे थे, लेकिन इमरान कश्मीर-कश्मीर चिल्ला रहे थे।

इमरान ने UNGA में खोली झूठ की गठरी

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान UNGA की 74वीं बैठक को संबोधित करने आए तो उन्होंने सबके सामने झूठ की गठरी खोल दी। उन्होंने दुनिया के सामने झूठ का पुलिंदा पेश किया और भारत को कटघरे में खड़ा करने की भरपूर कोशिश की। उन्होंने भारत पर अनाप-शनाप आरोप लगाएं। उन्होंने भारत पर बलूचिस्तान में आतंकवाद फैलाने का बेबुनियाद आरोप भी लगाया। इमरान ने भारत के अंदरूनी मुद्दों को भी यूएन के मंच पर उठाया। उन्होंने कहा, 'सरकार ने कश्मीर में विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया हुआ है। कश्मीर में कर्फ्यू हटने के बाद खून खराबा होगा।' इमरान ने कहा, 'मैं सोचता हूं कि मैं अगर कश्मीर में होता और 55 दिनों से इस तरह बंद होता, तो मैं भी बंदूक उठा लेता। आप ऐसा करके लोगों को कट्टर बना रहे हैं। मैं फिर कहना चाहता हूं कि यह बहुत मुश्किल समय है। 

इमरान के झूठ की पोल खोल रहे कश्मीरी

इमरान खान ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद कश्मीर में कर्फ्यू लगने की बात कही, जबकि वहां कर्फ्यू नहीं लगा है और हालात भी लगातार सामान्य हो रहे हैं। इस बीच कश्मीर के युवा बढ़-चढ़कर सेना की भर्ती में हिस्सा ले रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में हजारों कश्मीरी युवा भारतीय सेना में शामिल हो चुके हैं। कश्मीर में टेलिफोन और इंटरनेट सेवाएं बहाल हो चुकी हैं।

परमाणु युद्ध की धमकी

UNGA की बैठक को संबोधित करते हुए इमरान ने दुनिया को इस्लामोफोबिया से ग्रसित बताया। उन्होंने भारत पर आरोप लगाया कि कश्मीर में मुसलमानों पर अत्याचार हो रहा है। हालांकि, जब वो मुसलमानों पर अत्याचार की बात करते हैं तो अपने दोस्त चीन द्वारा उइंगर मुस्लिमों पर की जा रही ज्यादतियों को भूल जाते हैं। उन्होंने कहा, अगर मुसलमानों को न्याय नहीं मिला तो वे हथियार उठा लेंगे। इमरान की बेशर्मी अभी खत्म नहीं हुई थी, उन्होंने कहा, भारत में पुलवामा जैसा एक और आतंकी हमला होगा और इसके लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने इतने बड़े मंच से गैरजिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा कि वह भारत के खिलाफ परमाणु हथियार का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने कहा, इससे पहले कि परमाणु युद्ध हो, यूएन की कुछ करने की जिम्मेदारी है। हम हर स्थिति के लिए तैयार हैं। अगर दो देशों के बीच युद्ध हुआ तो कुछ भी हो सकता है।

पीएम मोदी का शांति का संदेश

एक तरफ इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से परमाणु युद्ध की धमकी दी तो दूसरी तरफ जिस पीएम मोदी को वो तानाशाह साबित करने में लगे हैं, उन्होंने शांति का संदेश दिया। पीएम मोदी ने यूएनजीए में संबोधन के दौरान कहा- हम उस देश के वासी हैं, जिसने दुनिया को युद्ध नहीं बुद्ध दिये हैं। शांति का संदेश दिया है। उन्होंने कहा- इस वर्ष पूरा विश्व महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहा है। सत्य और अहिंसा का उनका संदेश विश्व की शांति और विकास के लिए आज भी प्रासंगिक है। UNGA में पीएम मोदी बोले- भारत हजारों वर्ष पुरानी एक महान संस्कृति है। जिसकी अपनी जीवंत परंपराएं हैं, जो वैश्विक सपनों को अपने में समेटे हुए हैं। हमारे संस्कार, संस्कृति जीव में शिव देखती है। जनभागीदारी से जनकल्याण हमारा उद्देश्य है और ये केवल भारत के लिए ही नहीं जगकल्याण के लिए है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास केवल भारतीय सीमाओं तक सीमित नहीं है। हमारा परिश्रम न तो दया भाव है और न ही दिखावा, ये सिर्फ कर्तव्य भाव से प्रेरित है। 

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Posted By: Digpal Singh

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