Updated: Mon, 20 Jan 2025 12:53 PM (IST)
एक फरवरी से राज्य के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों पर सभी 22 टोल गेटों ई-डिटेक्शन प्रक्रिया लागू की जाएगी। अब राज्य में बिना वैध दस्तावेज के सड़क पर वाहन चलाना वाहन मालिकों को महंगा पड़ेगा। ई-डिटेक्शन प्रक्रिया के माध्यम से वाहन मालिकों को ई-चालान भेजा जाएगा। एक फरवरी से अगर मोटर वाहनों में कोई बीमा नहीं है तो टोल गेट स्वचालित प्रणाली से इसे पकड़ेंगे और ई-चालान जारी किया जाएगा।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर: बिना वैध दस्तावेज के सड़क पर वाहन चलाना अब महंगा पड़ेगा। यदि मोटर वाहन के पास वैध बीमा, प्रदूषण और फिटनेस नहीं है, तो ई-डिटेक्शन एप्लिकेशन के माध्यम से इसका आसानी से पता लगाया जा सकेगा।
वाहन मालिकों को ई-चालान भी जारी किए जाएंगे। राज्य सरकार ने एक फरवरी से पहले चरण में बीमा के बिना वाहनों की पहचान करने और ई-डिटेक्शन प्रक्रिया के माध्यम से ई-चालान भेजने का निर्णय लिया है।
2022 से, राज्य परिवहन प्राधिकरण ने ई-डिटेक्शन एप्लिकेशन के माध्यम से टोल गेट पर मोटर वाहनों के वैध दस्तावेजों की जांच करने की प्रक्रिया शुरू की थी।
1 फरवरी से किया जाएगा लागू
राज्य परिवहन प्राधिकरण ने आज कहा है कि अगर मोटर वाहनों में कोई बीमा नहीं है, तो टोल गेट स्वचालित प्रणाली से इसे पकड़ेंगे और फिर ई-डिटेक्शन की प्रक्रिया में ई-चालान जारी किया जाएगा। एक फरवरी से राज्य के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों पर सभी 22 टोल गेटों पर इसे लागू किया जाएगा।
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य परिवहन प्राधिकरण ने 2022 से ई-डिटेक्शन एप्लिकेशन विकसित किया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि टोल गेट से गुजरने वाले मोटर वाहनों के पास वैध बीमा, प्रदूषण और फिटनेस प्रमाण पत्र है या नहीं।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने टोल गेट के साथ ई-डिटेक्शन एप्लिकेशन को एकीकृत किया है और प्रायोगिक आधार पर इसकी प्रभावशीलता की जांच की है।
राज्य सरकार ने टोल गेट के माध्यम से चलने वाले सभी मोटर वाहनों पर नजर रखने के लिए यह ई-डिटेक्शन पोर्टल विकसित किया है। यह मोटर वाहन की पंजीकरण संख्या के आधार पर सरकार के वाहन पोर्टल की जांच करेगा और दिखाएगा कि वाहन के पास वैध दस्तावेज हैं या नहीं।
दोषी वाहन मालिकों के खिलाफ होगी कार्रवाई
इसके बाद ई-चालान डिफाल्ट करने वाले वाहन के मालिक को भेजा जाएगा। परिवहन विभाग संबंधित दोषी वाहन मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा। वर्तमान में, राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 22 टोल गेटों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 30 हजार वाहन चलते हैं।
इस ई-डिटेक्शन एप्लीकेशन के जरिए सभी वाहनों की जांच करना भी आसान हो जाएगा। खासकर खदानों और औद्योगिक क्षेत्रों में चलने वाले वाहनों पर नजर रखना सरकार के लिए आसान होगा।
राज्य सरकार के मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार, सभी वाहनों के लिए बीमा अनिवार्य है। यदि कोई वाहन बिना बीमा के सड़क पर यात्रा करता है, तो वाहन के मालिक को 2,000 रुपये का जुर्माना और तीन महीने की जेल या दोनों का प्रविधान है। बार-बार डिफाल्टर साबित होने पर उसे जेल के साथ-साथ 4,000 रुपये जुर्माना भी देना होगा।
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