Odisha News: सीमेंट फैक्ट्री के मलबे से निकाले गए तीन मजदूरों के शव, लोगों ने गेट पर किया हंगामा, मुआवजे का एलान
ओडिशा के राजगांगपुर स्थित डालमिया सीमेंट प्लांट में संयंत्र की लाइन-2 में बॉयलर फटने से मलबे में दबे तीन मजदूरों की मौत हो गई है। 36 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे तीनों मजदूरों दशरथ पात्रो और रंजीत भोल और सुशांत राउत के शव बरामद कर लिए गए हैं। फैक्ट्री के गेट पर मजदूरों के परिजनों ने जमकर हंगामा किया।

जागरण संवाददाता, राजगंगापुर। डालमिया सीमेंट फैक्ट्री में हुए दर्दनाक हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य जारी है। 36 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे तीनों मजदूरों दशरथ पात्रो, रंजीत भोल और सुशांत राउत के शव बरामद हुए हैं। इस घटना के बाद फैक्ट्री के गेट पर लोगों ने जमकर हंगामा किया और मुआवजे की मांग की। घटना स्थल पर भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया है।
इस हादसे से पीड़ित परिवारों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। दो दिनों से अपने परिजनों की सलामती की उम्मीद लगाए बैठे परिजनों को जब मजदूरों के मृत्यु की सूचना मिली तो वे लाइन-2 गेट पर रोते-बिलखते नजर आए। इस दर्दनाक घटना की खबर फैलते ही फैक्ट्री गेट के बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
मलबे में दबे तीनों मजदूरों का मिला शव
उपजिलाधिकारी दशरथी सराबु ने जानकारी दी कि लापता श्रमिकों के परिजन अभी फैक्ट्री परिसर के अंदर मौजूद हैं। रेस्क्यू टीम मलबे में दबे हुए मजदूरों की तलाश में जुटी हुई थी। मलबे से तीनों मजदूरों के शव मिले हैं। राहत एवं बचाव कार्य पूरी तेजी से जारी है, लेकिन मलबे की जटिलता के कारण रेस्क्यू टीम को कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है।
मलबे में दबे थे तीन मजदूर
इस हादसे में तीन मजदूर मलबे में दब गए थे। मजदूरों की पहचान मधुसूदन कॉलोनी के रंजीत भोल, आईटी कॉलोनी के दशरथ पात्रो और ओसियल ब्लॉक 8 निवासी सुशांत राउत के रूप में हुई थी। रेस्क्यू ऑपरेशन में तीनों मजदूरों का शव मिला है।
पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन
फिलहाल घटना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अधिकारियों की निगरानी में बचाव कार्य किया जा रहा है। हादसे के कारण और जिम्मेदारियों की जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। परिजनों और स्थानीय लोगों में फैक्ट्री प्रबंधन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया गया है।
पीड़ित परिवारों को मिलेगा मुआवजा
डालमिया सीमेंट फैक्ट्री की लाइन-2 में कॉल हॉपर के नीचे दबकर जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों को कंपनी प्रबंधन ने राहत और सहायता का भरोसा दिलाया है। उपजिलाधिकारी दशरथी सराबु ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कंपनी प्रबंधन ने पीड़ित परिवारों को 10 लाख रुपये का इंश्योरेंस, 25 लाख रुपये का मुआवजा, बच्चों की कक्षा 12वीं तक की नि:शुल्क शिक्षा, आवास सुविधा और परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने की घोषणा की है।
इस फैसले से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं, प्रशासन और कंपनी प्रबंधन राहत कार्यों में तेजी से जुटे हुए हैं। हादसे के बाद से स्थानीय लोगों में गुस्सा और चिंता का माहौल है, लेकिन प्रशासन ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
फैक्ट्री के पास मौजूद श्रमिकों के परिजन
गुरूवार शाम घटित हुई घटना
गुरूवार शाम करीब 7 बजे लाइन 2 में अचानक एक कॉल हॉपर नीचे मौजूद रेस्ट शेड पर गिर पड़ा, जिससे शेड के भीतर मौजूद श्रमिक मलबे के नीचे दब गए। घटना के 36 घंटे बाद भी राहत और बचाव कार्य जारी है।
अपनों के इंतजार में परिवारीजन
हादसे के बाद से ही राहत एवं बचाव कार्य जारी
हादसे के बाद से ही मौके पर 4 दमकल गाड़ियां, 3 क्रेन, 4 जेसीबी और 6 एम्बुलेंस तैनात हैं। घटनास्थल पर लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है।
यह भी पढ़ें-
Odisha: राजगांगपुर के डालमिया सीमेंट प्लांट में बड़ा हादसा, बॉयलर फटा; आठ मजदूरों के झुलसने की आशंका
Odisha News: डालमिया सीमेंट फैक्ट्री में बॉयलर फटने से हादसा, 12 घंटे से मलबे में दबे तीन मजदूर
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।