'ओडिशा को 2036 तक समृद्ध राज्य बनाना प्राथमिकता', CM मोहन चरण माझी बोले- जमीन पर नजर आने लगे काम
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि ओडिशा 2036 में भाषा आधारित राज्य गठन की 100वीं वर्षगांठ मनाएगा। हमारा लक्ष्य तब तक ओडिशा को एक समृद्ध राज्य बनाना है। प्रधानमंत्री ने 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि पुरी में भी केबल लैंडिंग स्टेशन बनने की तैयारी है।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा को महाप्रभु जगन्नाथ ने वह सब कुछ दिया है जो किसी भी विकसित राज्य के लिए जरूरी है। प्रदेश में 480 किलोमीटर लंबा विशालकाय समुद्री तट है। प्रचुर मात्रा में खनिज संपदा है।
कुशल मानव संसाधन के साथ पोर्ट, रेल एवं सड़क मार्ग की बेहतर सुविधा है। धार्मिक दृष्टिकोण से देखें तो देश के चारों धामों में से एक जगन्नाथ धाम यहां है। यह भी महत्वपूर्ण है कि अब प्रदेश में डबल इंजन सरकार है।
जिसका लाभ लोगों को मिलना शुरू हो गया है और जमीन पर विकास के काम नजर आने लगे हैं। प्रधानमंत्री के पूर्वोत्तर से उदय के सपने को हमारी सरकार ने मिशन के रूप में लेते हुए विकास के कार्यों को गति दी है। यह बातें ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में कहीं।
2036 तक समृद्ध राज्य बनेगा ओडिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा 2036 में भाषा आधारित राज्य गठन की 100वीं वर्षगांठ मनाएगा। हमारा लक्ष्य तब तक ओडिशा को एक समृद्ध राज्य बनाना है।
प्रधानमंत्री ने 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ऐसे में हमारा प्रयास है कि भारत के विकसित देश बनाने में ओडिशा का बड़ा योगदान हो।
यह तभी संभव है जब ओडिशा हर क्षेत्र में समृद्ध होगा। हमारा प्रयास है कि तब तक ओडिशा उस मुकाम को हासिल कर ले कि हम देश के दूसरे राज्यों को भी प्रगति की राह दिखा सकें।
हमारे पास इसके लिए मिनरल रिसोर्स हैं, प्राकृतिक संसाधनों में लौह अयस्क, मैगनीज, बाक्साइट व क्रोमाइट प्रचुर मात्रा में है। आज ओडिशा रेवन्यू में सरप्लस है। हमारी जीडीपी 7.2 प्रतिशत है।
निवेशकों की पहली पसंद बना ओडिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार का फायदा ना सिर्फ ओडिशा के नागरिकों को मिलने लगा बल्कि निवेश की भी राहें खुलीं। निवेशकों के लिए ओडिशा अब पहली पसंद बन गया है।
देश की नामी-गिरामी कंपनियां ओडिशा में निवेश करने की इच्छा जाहिर कर रहीं हैं। दिल्ली एवं मुंबई में हुए निवेशक सम्मेलन में ओडिशा सरकार के साथ कई कंपनियों ने समझौते किए।
कई कंपनियों के साथ सार्थक वार्ता हुई। उत्कर्ष ओडिशा सम्मेलन में खुद प्रधानमंत्री ने देश एवं दुनिया भर के निवेशको को मोदी की गारंटी दी है। इसका लाभ भी हमें मिल रहा है।
मेक इन ओडिशा पहल के तहत आईटी और सेमीकंडक्टर उद्योगों का केंद्र बनेगा ओडिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिसंबर 2025 तक हम अपनी पहली सेमीकंडक्टर उत्पादन इकाई शुरू करने के लिए तैयार है। आरएंडडी कंपनी के सहयोग से स्थापित यह इकाई इंफो वैली में 2,000 वर्ग फुट की सुविधा पर काम करेगी।
हमारा लक्ष्य मेक इन ओडिशा पहल के तहत ओडिशा को आईटी और सेमीकंडक्टर उद्योगों के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
कोरापुट और केंदुझर में डेटा सेंटर स्थापित करने पर काम चल रहा है ताकि आइटी इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। पुरी में भी केबल लैंडिंग स्टेशन बनने की तैयारी है।
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