बाढ़ से भयंकर तबाही, डूब गया पंजाब? दिल्ली में बारिश ने तोड़ा रिकॉर्ड; हरियाणा में कहर बरपा रहीं नदियां
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार देशभर में मानसून काफी सक्रिय है और कई जगहों पर यह कहर बरपा रहा है। बारिश बाढ़ और भूस्खलन से अनेक लोगों की मौतों की खबरें भी आ रही है। आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में पिछले 15 वर्षों में सबसे अधिक बारिश वाला अगस्त महीना दर्ज किया गया है। अब तक 399.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

जागरण टीम, नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार देशभर में मानसून काफी सक्रिय है और कई जगहों पर यह कहर बरपा रहा है। बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से अनेक लोगों की मौतों की खबरें भी आ रही है। आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में पिछले 15 वर्षों में सबसे अधिक बारिश वाला अगस्त महीना दर्ज किया गया है। अब तक 399.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है। आईएमडी के अनुसार, यह 2010 के बाद से सबसे अधिक बारिश वाला अगस्त महीना है।
पंजाब में बाढ़ से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे
पंजाब में बाढ़ से प्रभावित जिलों में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। शुक्रवार को फिरोजपुर स्थित हुसैनीवाला में सात फीट तक पानी भरने से रिट्रीट सेरेमनी को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। फाजिल्का के बाढ़ प्रभावित 14 गांवों को जोड़ने वाले एक मात्र पुल के ऊपर डेढ़ फीट तक पानी पहुंच गया है। इससे पुल को बंद करना पड़ा है।
बाढ़ का पानी अजनाला तक पहुंचने लगा
अमृतसर में पिछले चार दिन से घिरे अजनाला कस्बे के हालात भी लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, यहां बाढ़ का पानी अजनाला तक पहुंचने लगा है। ऐसे ही हालात तरनतारन और कपूरथला जिले के हैं। उधर, रावी दरिया में जलस्तर कम होने से गुरदासपुर और पठानकोट जिले के लोगों को कुछ राहत मिली है। यहां पानी अब धीरे-धीरे कम होने लगा है। हालांकि लोग अब भी फंसे हुए हैं।
राहत सामग्री पहुंचने में बीएसएफ के 20 हेलिकॉप्टर लगे
उधर, सेना, बीएसएफ, एनडीआरएफ के अलावा एसडीआरएफ की टीमें लगातार राहत व बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। सेना के 20 हेलिकॉप्टर भी राहत व बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। शुक्रवार को 7200 लोगों को सुरक्षित बचाया गया।
इसी बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत व बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्यों में और तेजी लाने को कहा है। उधर, पठानकोट के चक्की दरिया से बंद की गई वाहनों की आवाजाही शुक्रवार को भी शुरू नहीं हो पाई है। इस कारण पठानकोट-जालंधर नेशनल हाईवे छठे दिन भी बंद रहा।
बाढ़ का जायजा लेते दो मंत्रियों की आपसी बातचीत बनी मुद्दा
पंजाब सरकार ने अपने मंत्रियों की बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों में ड्यूटी लगाई है। इसी क्रम में बाढ़ग्रस्त इलाकों में घूमते हुए दो मंत्रियों की अनौपचारिक बातचीत में स्वीडन व गोवा दौरे की चर्चा ने विवाद खड़ा कर दिया है। हुआ यह कि पिछले दिनों पीडब्ल्यूडी मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ, जलस्त्रोत मंत्री बरिंदर गोयल व जेल मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर बाढ़ग्रस्त हरिके पत्तन का एक मोटरबोट में सवार होकर दौरा कर रहे थे।
मोटरबोट में मंत्री ईटीओ बोले-'जब मैं स्वीडन घूमने गया था तो वहां क्रूज में घूमा था। उसका क्या आनंद आया। क्रूज में रहने के लिए अच्छे होटल व तरह-तरह के प्रबंध थे।' जवाब में गोयल ने कहा-'ऐसे क्रूज गोवा में भी होते हैं।'
इस वार्तालाप में मंत्री भुल्लर चुप ही नजर आए। उन्होंने दोनों मंत्रियों के संवाद का वीडियो फेसबुक पेज पर साझा कर दिया। जिसके बाद यह वायरल हो गया। कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने वीडियो को अपने 'एक्स' अकाउंट पर साझा कर दोनों मंत्रियों की खिंचाई की।
टांगरी से अंबाला में बाढ़, यमुनानगर में सोम नदी का तटबंध टूटा
हरियाणा में अंबाला स्थित टांगरी और यमुनानगर स्थित सोम नदी को उफान पर ला दिया है। अंबाला की तीन बरसाती नदियों ने कहर बरपाया। टांगरी के किनारे बसी करीब 45 कालोनियों सहित गांव गोला, हेमामाजरा में पानी घुस गया।
एसडीआरएफ की टीमों ने 100 से अधिक बच्चों और परिवारों को सुरक्षित घरों से बाहर निकाला। टांगरी नदी के आसपास के स्कूलों में भी छुट्टी कर दी गई। प्रदेश सरकार में मंत्री अनिल विज ने टांगरी नदी और किनारे बसी कालोनियों का जायजा लिया।
राजस्थान में चार की मौत, एक महीने में पानी से निकाले गए 130 शव
राजस्थान में शुक्रवार को वर्षा के कारण हुए विभिन्न हादसों में चार लोगों की मौत हो गई। चितौड़गढ़ में बगू की रूपारेल नदी में एक ही परिवार के पांच लोग बह गए। इनमें तीन लोगों को बचा लिया गया। एक महिला और उसके बेटे की तलाश की जा रही है। झुंझुनूं के उदयपुर वाटी में कुंड में डूबने से एक महिला और पुरुष की मौत हो गई।
एसडीआरएफ की टीमों ने 856 से अधिक लोगों की जान बचाई
ब्यावर में तालाब में नहाने गईं दो बहनों की डूबने के कारण मौत हो गई। राजस्थान सरकार के अनुसार, भारी वर्षा के दौरान एक महीने में 130 लोगों के शवों को पानी से बाहर निकाला गया है। एसडीआरफ की टीमों ने इन शवों को बाहर निकाला। विभिन्न जिलों में एसडीआरएफ की टीमों ने 856 से अधिक लोगों की जान बचाई।
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