यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एअर इंडिया विमान क्रैश के बाद उत्तरकाशी हेलीकॉप्टर दुर्घटना पर आई AAIB की रिपोर्ट, हादसे की वजह पता चली
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने उत्तराखंड में हुए हेलीकॉप्टर हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के अनुसार रोटर ...और पढ़ें

आईएएनएस, नई दिल्ली। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआइबी) ने शनिवार को उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में आठ मई को हुए हेलीकाप्टर हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी की। इसमें कहा गया है कि रोटर ब्लेड के ओवरहेड केबल से टकराने के कारण दुर्घटना हुई थी।
पायलट ने उत्तरकाशी-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-34) पर हेलीकाप्टर उतारने का असफल प्रयास किया, जिसके बाद हेलीकाप्टर खाई में गिर गया।रिपोर्ट में कहा गया है कि हेलीकाप्टर लगभग 20 मिनट तक हवा में रहा था, जब वह अपनी निर्धारित ऊंचाई से नीचे उतरने लगा।
पायलट ने पहले एनएच-34 पर किया लैंडिंग का प्रयास
पायलट ने शुरुआत में एनएच-34 पर गंगनानी के पास आपातकालीन लैंडिंग का प्रयास किया। हालांकि, इस दौरान हेलीकाप्टर का मुख्य रोटर ब्लेड सड़क के समानांतर ऊपर से गुजर रही एक फाइबर-आप्टिक केबल से टकरा गया। इससे पायलट नियंत्रण खो बैठा और सुरक्षित लैंडिंग किए बिना पहाड़ी से नीचे गिर गया। हेलीकाप्टर लगभग 250 फीट गहरी खाई में एक पेड़ से जा टकराया।
AAIB के अधिकारियों ने की प्रत्यक्षदर्शियों से बात
एएआइबी अधिकारियों ने मौके पर जांच के दौरान आवश्यक साक्ष्य विश्लेषण के लिए एकत्र किए। दुर्घटना से पहले क्या हुआ था, इसकी जानकारी जुटाने के लिए एएआइबी की टीम ने स्थानीय अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों से भी बात की।
जांच के लिए विदेशी एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। इस दुर्घटना में मारे गए छह लोगों में पायलट कैप्टन राबिन सिंह भी शामिल थे। इसके अलावा कला चंद्रकांत सोनी, वेदांती, रुचि अग्रवाल, राधा अग्रवाल और विजया लक्ष्मी रेड्डी की भी मौत हो गई। हादसे में एक व्यक्ति घायल हो गया। दुर्घटना के समय निजी कंपनी द्वारा संचालित हेलीकाप्टर गंगोत्री मंदिर जा रहा था।
