'अब तो यही जिंदगी है...', सुप्रीम कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद क्या-क्या बोला उमर खालिद
दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद को सुप्रीम कोर्ट से जमानत नहीं मिली। उनकी पार्टनर बंज्योत्सना लाहिड़ी ने बताया कि खालिद ने कहा, "अब जेल ही मेरी जिंदगी ...और पढ़ें

दोस्त बनोज्योत्सना लाहिड़ी के साथ उमर खालिद (फाइल फोटो)
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद को सु्प्रीम कोर्ट से जमानत न मिलने के बाद उसने कहा कि अब जेल ही उसकी जिंदगी है। उसकी पार्टनर बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने कहा कि वह उन सह-आरोपियों के लिए खुश और राहत महसूस कर रहे हैं जिन्हें जमानत मिल गई है, साथ ही कहा कि अब जेल ही उनकी जिंदगी बन गई है।
एक्स पर खालिद की प्रक्रिया शेयर करते हुए, लाहिड़ी ने उसके हवाले से कहा, ''मैं उन दूसरों के लिए बहुत खुश हूं जिन्हें जमानत मिल गई है। बहुत राहत मिली।" जब बंज्योत्सना ने उमर खालिद से कहा कि वह अगले दिन मिलने आएंगी को खालिद ने जवाब दिया, ''अच्छा, अच्छा, आ जाना। अब यही जिंदगी है।"
"I am really happy for the others, who got bail! So relieved", Umar said.
— banojyotsna ... (@banojyotsna) January 5, 2026
"I'll come tomorrow for Mulaqat", I replied.
"Good good, aa jana. Ab yahi zindagi hai".#UmarKhalid
उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के पीछे कथित बड़ी साजिश के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि उनके खिलाफ UAPA के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता है। इसके साथ ही कोर्ट ने गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दे दी।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि ट्रायल में देरी को UAPA जैसे कड़े कानूनों के तहत कानूनी सुरक्षा उपायों को अपने आप खत्म करने के लिए ट्रंप कार्ड के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
2020 में हुए दिल्ली में दंगे
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा, जो नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध प्रदर्शनों के दौरान भड़की थी। इस हिंसा में 53 लोगों की जान चली गई और 700 से ज्यादा लोग घायल हो गए। सभी सात आरोपियों पर UAPA और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसमें अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि वे दंगों के पीछे मास्टरमाइंड थे।

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