कोलकाता, जागरण ब्यूरो। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान आपत्तिजनक बयान देकर फंसे तृणमूल सांसद तापस पाल संसद सत्र शुरू होने पर विवाद से बचने के लिए अस्पताल में भर्ती हो गए। विरोधी दलों ने ये आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर ही तापस अस्पताल में भर्ती हुए हैं। तापस के विवादित बयान का एक वीडियो पिछले दिनों सामने आया था जिसमें उन्होंने पार्टी समर्थकों पर नुकसान पहुंचाने पर विपक्षियों के घर लड़के भेज रेप कराने की चेतावनी दी थी।

दिल्ली में सुबह सत्र शुरू होने से पहले ही वामपंथी महिलाओं ने संसद के निकट पाल को बर्खास्त करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। सूत्रों के अनुसार तापस को उच्च रक्तचाप की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लेकिन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा का कहना है कि तापस को तृणमूल प्रमुख ने संसद में जाने से मना किया है। माकपा नेता सूर्यकांत मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बिना वह अस्पताल में भर्ती नहीं हुए होंगे। तापस का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि उन्हें अचानक तेज हुए रक्तचाप की शिकायत पर आपातकालीन स्थिति में भर्ती कराया गया है।

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