यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हादसों का Runway... 37 साल पहले भी अहमदाबाद एयरपोर्ट के रनवे-23 पर हुआ था हादसा; 133 लोगों की हुई थी मौत
लंदन जा रहे एअर इंडिया के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद अहमदाबाद एयरपोर्ट का रनवे-23 एक बार फिर से ...और पढ़ें

आइएएनएस, अहमदाबाद। लंदन जा रहे एअर इंडिया के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद अहमदाबाद एयरपोर्ट का रनवे-23 एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। दुर्घटनाग्रस्त विमान ने इसी रनवे से लंदन के लिए उड़ान भरी थी। इस घटना ने 1988 में हुए एक अन्य विमान हादसे की याद दिला दी।
अहमदाबाद में 1988 के बाद यह दूसरा बड़ा हादसा है। दोनों घटनाएं रनवे-23 से ही जुड़ी हुई हैं। 19 अक्टूबर 1988 को मुंबई से अहमदाबाद आ रहा इंडियन एअरलाइंस का विमान इसी रनवे पर उतरने से पहले हादसे का शिकार हो गया था। इस विमान में 139 यात्री सवार थे, जिसमें से 133 की मौत हो गई थी।
विमान ने रनवे-23 से भरी थी उड़ान
गुरुवार को लंदन के लिए उड़ान भरने वाले विमान ने भी रनवे-23 से ही उड़ान भरी थी। 1988 की घटना की जांच में पाया गया था कि पायलटों की गलती के कारण विमान 500 फीट की न्यूनतम ऊंचाई से नीचे आ गया था।
1988 के हादसे की जांच में क्या आया था सामने?
रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पायलटों को रनवे को देखने में समस्या हुई और उन्होंने एयरपोर्ट के पास पहुंचने के प्रयास में विमान की ऊंचाई को खो दिया। हालांकि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने गुरुवार को हुए हादसे पर अभी कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन 1988 के हादसे की जांच में यह निष्कर्ष निकाला गया था कि हादसे का शिकार हुआ विमान चिलोड़ा कोटरपुर गांव के पास पेड़ों और उच्च क्षमता के बिजली के खंभों से टकराया था। एक जांच पैनल ने खराब दृश्यता की स्थिति में निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन न करने के लिए पायलटों को जिम्मेदार ठहराया था।
