यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'चांद को घोषित करें हिंदू राष्ट्र, शिव शक्ति प्वाइंट को बनाओ राजधानी', स्वामी चक्रपाणि की अजीबोगरीब मांग
Swami Chakrapani on Chandrayaan 3 संत महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने चांद पर चंद्रयान 3 की लैंडिंग के बाद ...और पढ़ें

HighLights
- अखिल भारत हिंदू महासभा अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि का अटपटा बयान।
- चांद को हिंदू राष्ट्र घोषित करने को कहा।
- चक्रपाणि बोले- चांद को भी जिहादियों से खतरा।
नई दिल्ली, एजेंसी। Swami Chakrapani on Moon चंद्रयान 3 का विक्रम लैंड चांद से हर रोज नए अपडेट भेज रहा है। इसरो की इस सफलता पर हर भारतीय गौरवांवित है। पीएम मोदी ने भी इसकी सफल लैंडिंग के बाद लैंडिंग प्वाइंट को शिव शक्ति प्वाइंट घोषित किया है। अब इसी को लेकर अखिल भारत हिंदू महासभा और संत महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज की अटपटी मांग सामने आई है।
हिंदू राष्ट्र हो चांद
स्वामी चक्रपाणि (Swami Chakrapani on Moon) ने चांद पर चंद्रयान 3 (Chandrayaan 3) की लैंडिंग के बाद एक अजीब मांग की है। उन्होंने कहा कि संसद से चांद को हिंदू सनातन राष्ट्र के रूप में घोषित करना चाहिए और चंद्रयान 3 के उतरने के स्थान जिसे शिव शक्ति व्वाइंट से जाना जाता है, उसे इस राष्ट्र की राजधानी बनाना चाहिए।
संसद से चांद को हिंदू सनातन राष्ट्र के रूप में घोषित किया जाए,चंद्रयान 3 के उतरने के स्थान "शिव शक्ति पॉइंट" को उसकी राजधानी के रूप में विकसित हो ,ताकि कोई आतंकी जिहादी मानसिकता का वहा न पहुंच पाए 🌸🙏🌸स्वामी चक्रपाणि महाराज, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारत हिंदू महासभा/ संत महासभा pic.twitter.com/HPbifYFZzX
— Swami Chakrapani Maharaj (@SwamyChakrapani) August 27, 2023
कहीं जिहादी न पहुंच जाए
चक्रपाणि ने कहा कि चंद्रयान 3 के चांद पर पहुंचने के बाद अब भारत का वहां हक है। उन्होंने कहा कि इससे पहले वहां पर कोई जिहादी पहुंचकर जिहाद करे, कट्टरपंथ को फैलाए, आतंक को फैलाए, हमें चांद को एक हिंदू सनातन राष्ट्र घोषित कर देना चाहिए।
चांद की शुद्धता बनी रहे...
स्वामी ने कहा कि चांद पर आतंकी न आए और ये शुद्ध बना रहे इसके लिए हमें कदम उठाना ही होगा। उन्होंने कहा कि सनातम धर्म में चांद की बहुत मान्यता है और हमारे शास्त्रों में भी इसके अनेकों प्रकार का उल्लेख है, इसलिए संसद में सरकार को एक प्रस्ताव लाना चाहिए।
