सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए समय रैना, दो हफ्ते का मिला अल्टीमेटम; जानिए कोर्ट ने क्यों कहा- आपकी टिप्पणी बेहद...
सुप्रीम कोर्ट में कॉमेडियन समय रैना के विकलांगों पर किए गए चुटकुलों के मामले में सुनवाई हुई। कोर्ट ने रैना की टिप्पणियों को परेशान करने वाला बताया और व्यक्तिगत आचरण की जांच करने की बात कही। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कॉमेडियन को जवाब देने का निर्देश दिया और अगली सुनवाई में रैना को उपस्थित रहने को कहा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। Samay Raina: इंडियाज लेटेंट शो से विवादों में आए कॉमेडियन समय रैना द्वारा विकलांग व्यक्तियों और दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित लोगों की गई टिप्पणियों के संबंध में दायर याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और अन्य कॉमेडियनों द्वारा की गई टिप्पणी को परेशान करने वाला बताया। इसके साथ ही शीर्ष न्यायालय ने कहा कि वह व्यक्तिगत आचरण की बारीकी से जांच करेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन से मांगा जवाब
दरअसल, मंगलवार को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने स्टैंड-अप कॉमेडियनों को निर्देश दिया कि वे उस याचिका का जवाब दें, जिसमें उनके असंवेदनशील चुटकुलों को उजागर किया गया है। इसके साथ ही कोर्ट ने आदेशित करते हुए कहा कि अगली सुनवाई के समय रैना को कोर्ट में उपस्थित रहना होगा।
इस मामले में अगली सुनवाई तीन हफ्ते बाद होगी। बता दें कि क्योर एसएमए (स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी) फाउंडेशन ऑफ इंडिया की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आज सुनवाई की।
'अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार का उल्लंघन'
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी फाउंडेशन की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने दलील देते हुए कहा कि समय रैना और अन्य कॉमेडियनों द्वारा विकलांग लोगों का मजाक उड़ाने के लिए इस्तेमाल की गई आपत्तिजनक अभिव्यक्तियां घृणास्पद भाषण हैं। समय रैना और अन्य लोगों द्वारा की गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के तहत किसी भी संरक्षण के योग्य नहीं हैं।
कोर्ट ने दिए ये अहम आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने इस टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई थी। कोर्ट ने हास्य कलाकारों को उनके अभद्र चुटकुलों के लिए अभियोग चलाने का निर्देश दिया था। वहीं, आज की सुनवाई के दौरान अदालत में हास्य कलाकारों की व्यक्तिगत उपस्थिति के बाद पीठ ने उनसे दो भीतर अपना जवाब दायर करना होगा।
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