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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Subrata Roy: जब आत्मविश्वास से लबरेज सुब्रत रॉय सुप्रीम कोर्ट में हुए थे पेश, काली स्याही से सनी हुई पहनी थी शर्ट

By AgencyEdited By: Anurag Gupta
Published: Wed, 15 Nov 2023 05:34 PM (IST)

सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय सेबी-सहारा मामले में 25700 करोड़ रुपये जमा नहीं करने को लेकर उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी ...और पढ़ें

सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय (फोटो: एएफपी)
सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय (फोटो: एएफपी)

HighLights

  1. खुद को वकील बताने वाले शख्स ने सुब्रत रॉय पर फेंकी थी काली स्याही
  2. काली स्याही से सनी हुई शर्ट पहनकर कोर्ट के समक्ष सहारा प्रमुख हुए थे पेश

पीटीआई, नई दिल्ली। सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। बता दें कि सहारा प्रमुख सेबी-सहारा मामले में 25,700 करोड़ रुपये जमा नहीं करने को लेकर उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने पर व्यक्तिगत तौर पर सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे। सफेद शर्ट और और काले रंग की हाफ जैकेट में सफेद रंग की गाड़ी से उतरते हुए एक तस्वीर भी सामने आई थी। दरअसल, पुलिस वाहन में ही सुब्रत रॉय सुप्रीम कोर्ट आए थे।

कोर्ट के बाहर हुआ था जमकर बवाल

चार मार्च, 2014 का दिन कोई नहीं भूल सकता है, क्योंकि उस दिन कोर्ट के बाहर जमकर बवाल हुआ था। सहारा लोगो वाली काली टाई और काले रंग का चश्मा लगाये हुए सुब्रत रॉय के चेहरे पर खुद को वकील बताने वाले एक व्यक्ति ने काली स्याही फेंकी थी।

बकौल एजेंसी, स्याही फेंकने वाले व्यक्ति ने खुद का नाम मनोज शर्मा बताया। स्याही फेंकने के बाद मनोज शर्मा ने अपनी शर्ट उतारी और उसे लहराते हुए चिल्लाना शुरू कर दिया था कि वह (सुब्रत रॉय) एक चोर है और उसने गरीबों से पैसे चुराए हैं।

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काली स्याही से सनी हुई शर्ट पहने हुए आत्मविश्वास से लबरेज सुब्रत रॉय न्यायाधीशों के समक्ष उपस्थित हुए। यह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। व्यक्तिगत रूप से अपने मामले पर बहस करते हुए सुब्रत रॉय ने कहा था कि वह कोर्ट के आदेश का सम्मान करने के लिए एक और मौका चाहते हैं। उन्होंने कहा था कि अगर वह इस आखिरी कोशिश में विफल रहे तो कोर्ट के समक्ष खड़े होकर सजा स्वीकार करेंगे।

हालांकि, न्यायमूर्ति केएस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति जेएस खेहर की पीठ उनकी दलीलों से प्रभावित नहीं हुई और सुब्रत रॉय को ठोस प्रस्ताव आने तक तिहाड़ भेज दिया।

जब पेरोल पर बाहर आए थे रॉय

सहारा प्रमुख रॉय छह मई, 2016 को दो साल से अधिक समय तक जेल में गुजारने के बाद अपनी मां छवि रॉय का अंतिम संस्कार करने के लिए पैरोल पर बाहर आए थे। हालांकि, उस वक्त से सुब्रत रॉय जेल से बाहर ही थे, लेकिन सुब्रत रॉय का मंगलवार को मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में निधन हो गया।

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सुब्रत रॉय और दो अन्य निदेशकों रविशंकर दुबे और अशोक रॉय चौधरी को सहारा समूह की दो कंपनियों सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (SIREL) और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (SHICL) को गिरफ्तार किया गया था।