यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Cardiorespiratory Arrest: इस बीमारी की वजह से हुई सहारा ग्रूप के चीफ सुब्रत रॉय की मौत, जानें इसके बारे में
Cardiorespiratory Arrest सहारा ग्रूप के फाउंडर सुब्रत रॉय की 14 नवंबर को कार्डियोरेस्पिरेटरी अरेस्ट से मौत हो गई। वो 75 ...और पढ़ें

HighLights
- सहारा इंडिया सुप्रीमो सुब्रत राय का 75 की उम्र में निधन हो गया।
- उनकी मृत्यु कार्डियोरेस्पिरेटरी अरेस्ट के कारण हुई।
- कार्डियोरेस्पिरेटरी अरेस्ट में दिल और फेफड़े सही तरीके से काम नहीं करते हैं।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Cardiorespiratory Arrest: जाने-माने बिजनेसमैन और 'सहारा ग्रूप' के फाउंडर एंड चेयरमैन सुब्रत रॉय (Subrata Roy) का कल यानी 14 नवंबर 2023 को मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल में निधन हो गया। वह 75 साल के थे।
सुब्रत रॉय काफी वक्त से कई सारी बीमारियों से जूझ रहे थे। मेटास्टेटिक मैलिग्नेंसी, हाइपरटेंशन और डायबिटीज जैसी कई समस्याएं उन्हें थीं। 12 नवंबर 2023 को उनकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ने लगी, तब उन्हें मुंबई के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ घंटे बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।
क्या है कार्डियोरेस्पिरेटरी अरेस्ट?
कार्डियोरेस्पिरेटरी अरेस्ट एक गंभीर स्थिति है, जिसमें दिल और फेफड़े सही तरीके से काम नहीं करते हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि दिल की बीमारी, सांस लेने में समस्या या फिर कोई अन्य दूसरी मेडिकल कंडीशन्स।
डॉ. विजय कुमार, सीनियर कंसल्टेंट इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट, उजाला सिग्नस ग्रूप ऑफ हॉस्पिटल्स ने बताया कि, कार्डियोरेस्पिरेटरी अरेस्ट की मुख्य वजह हार्ट फंक्शन में आ रही समस्याएं होती हैं। लेकिन इसमें दिल के साथ-साथ फेफड़े भी काम करना बंद कर देते हैं। शरीर में ब्लड सर्कुलेशन के जरिए हर एक अंग और कोशिकाओं तक ऑक्सीजन की भी सप्लाई होती है और जब यह सही तरीके से नहीं होता, तो ये काम करना बंद कर देते हैं।
कार्डियोरेस्पिरेटरी अरेस्ट के लक्षण
- दिल की धड़कना का अचानक से बढ़ना
- थकान के साथ जी मिचलाना
- छाती में तेज दर्द
- सांस लेने में दिक्कत
कार्डियोरेस्पिरेटरी अरेस्ट से बचाव
इसके बचाव के लिए, लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी जाती है। नियमित व्यायाम, सही खानपान, और धूम्रपान छोड़ना इसमें मददगार हो सकता है। साथ ही, उचित तरीके से दवाओं का सेवन और नियमित चेकअप कराते रहना भी जरूरी है। इस समस्या में तुरंत उपचार मिलने पर मरीज को बचाया जा सकता है।
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