Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    'कोई समझौता नहीं होगा...', डोनाल्ड ट्रंप को पीएम मोदी की खरी-खरी; ट्रेड डील को लेकर दिए संकेत

    Updated: Thu, 07 Aug 2025 09:58 PM (IST)

    प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत किसानों पशुपालकों और मछुआरों के हितों से कभी समझौता नहीं करेगा भले ही उन्हें व्यक्तिगत कीमत चुकानी पड़े। उन्ह ...और पढ़ें

    News Article Hero Image
    मोदी ने कहा कि खेती सिर्फ फसल की नहीं होती है (फाइल फोटो)

    नीलू रंजन, जागरण, नई दिल्ली। अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50 फीसद टैरिफ के एलान के अगले ही दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साफ कर दिया कि भारत कभी भी किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के हितों के साथ समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए वे व्यक्तिगत कीमत भी चुकाने के लिए तैयार हैं।

    उनका यह कथन खास मायने रखता है क्योंकि पूर्व में अमेरिका की कुछ एजेंसियों पर चुनाव में हस्तक्षेप के आरोप भी लगते रहे हैं। प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन शताब्दी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि खेती सिर्फ फसल की नहीं होती है, खेती जिंदगी होती है।

    कृषि और दुग्ध उत्पादों के लिए अड़ा अमेरिका

    भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर चल रही बातचीत और ट्रंप प्रशासन के टैरिफ की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान को काफी अहम माना जा रहा है। दरअसल भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय बातचीत में कृषि और दुग्ध उत्पाद बड़ी अड़चन साबित हो रही है। अमेरिका अपने कृषि और दुग्ध उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खोलने को लेकर अड़ा हुआ है।

    जबकि भारत ने साफ कर दिया कि अमेरिका में कृषि में बड़ी मात्रा में जेनेटिकली मोडिफाइड (जीएम) फसलों की पैदावार होती है। भारत में जीएम फसलों पर पूरी तरह से रोक लगी हुई। ऐसे में अमेरिकी जीएम फसलों के लिए भारत अनुमति नहीं दे सकता है। इसी तरह से अमेरिका में पशुओं को चारा में मांसाहार को मिलाया जाता है।

    भारत में बड़ी आबादी शाकाहारी है। यही नहीं दूध और उसके उत्पादों के धार्मिक रीति-रिवाजों में प्रयोग को देखते हुए उसकी शुद्धता का काफी ध्यान भी रखा जाता है। ऐसे में मांसाहार वाला चारा खाने वाले पशुओं के दूध और उसके उत्पाद करोड़ों लोगों की सांस्कृतिक मान्यताओं और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती है।

    मछली उत्पादन में दूसरे स्थान पर भारत

    इसी तरह से दक्षिण भारत की आर्थिकी में मछली उत्पादन की अहम भूमिका है। अमेरिका के लिए यह बाजार खोलने के करोड़ों गरीब मछली पालकों का जीवन मुश्किल में फंस जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने साफ किया कि पिछले 11 सालों में सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और उनके जीवन स्तर को सुधारने की कोशिश कर रही है।

    इसकी वजह से भारत कई फसलों, फलों और सब्जियों के उत्पादन में विश्व में पहले और दूसरे स्थान पर है। मछली उत्पादन में भी भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है। कृषि उत्पादों में भारत की आत्मनिर्भरता 140 करोड़ देशवासियों की खाद्य सुरक्षा के लिए अहम है और भारत इसे खतरे में नहीं डाल सकता है। उन्होंने कहा कि देश के मछुआरों, पशुपालकों, किसानों के हितों की रक्षा के लिए भारत आज तैयार है।

    यह भी पढ़ें- Trump Tariffs News: जानिए ट्रंप के नए टैरिफ से भारत की कौन सी इंडस्ट्री रहेगी बेअसर, किसकी बढ़ेगी मुश्किल