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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 31, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'पीएम मोदी के पास भारत के लिए अगले 1000 वर्षों का विजन', स्वामी अवधेशानंद ने प्रधानमंत्री को बताया महापुरुष

Published: Mon, 31 Mar 2025 09:28 PM (IST)

जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने पीएम मोदी की जमकर प्रशंसा की है। उन्होंने पीएम मोदी महापुरुष बताया ...और पढ़ें

राष्ट्र का नेतृत्व करते हुए सादगी में बने रहने की उनकी क्षमता अतुलनीय। (फाइल फोटो)
राष्ट्र का नेतृत्व करते हुए सादगी में बने रहने की उनकी क्षमता अतुलनीय। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर ने पीएम मोदी को बताया महापुरुष।
  2. कहा- प्रधानमंत्री राष्ट्र की भलाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध।
  3. राष्ट्र का नेतृत्व करते हुए सादगी में बने रहने की उनकी क्षमता अतुलनीय।

आईएएनएस, नागपुर। जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मुख्यालय की यात्रा के दौरान भारत की प्रगति के लिए उनके दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की प्राथमिकता में भारत की समृद्धि अगले 1,000 वर्षों के लिए शामिल है। वे महापुरुष हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने गुड़ी पाड़वा के अवसर पर रविवार को आरएसएस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया था। यह पीएम मोदी का आरएसएस मुख्यालय में बतौर प्रधानमंत्री पहला दौरा था। वे अटल बिहारी वाजपेयी के बाद संघ मुख्यालय में आने वाले दूसरे प्रधानमंत्री भी बने।

स्वामी अवधेशानंद गिरी ने कहा, 'प्रधानमंत्री ने भारत को अगले 1,000 वर्षों के लिए तैयार करने की बात की ताकि इसकी शक्ति और समृद्धि सुनिश्चित हो सके।'

क्या बोले जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर?

  • उन्होंने भारतीय संस्कृति के कल्याणकारी पहलुओं पर जोर दिया खासकर 'वसुधैव कुटुम्बकम' की विचारधारा पर। उन्होंने कहा कि यह सदियों से मानवता को कल्याण की ओर मार्गदर्शित करती रही है। स्वामी अवधेशानंद ने कहा कि प्रधानमंत्री ने आरएसएस संस्थापक डॉ. हेडगेवार और द्वितीय सरसंघचालक माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर की शिक्षाओं को आगे बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया।
  • प्रधानमंत्री मोदी की शासन शैली पर चर्चा करते हुए स्वामी अवधेशानंद ने इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो का उल्लेख किया, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी आरएसएस प्रमुख और अन्य के साथ बातचीत करते हुए मुस्कुराते और हंसते नजर आ रहे हैं।
  • प्रधानमंत्री की मुस्कान के पीछे का कारण बताते हुए स्वामी ने कहा, 'जब मैं उनकी प्रशंसा कर रहा था तो वह बस हंसने लगे। उन्होंने हमारी प्रशंसा को स्वीकार नहीं किया। इसके बजाय उन्होंने इसे ईश्वरीय आशीर्वाद का परिणाम बताया। वह वास्तव में मानते हैं कि जो कुछ भी उन्होंने हासिल किया है, वह उनकी मेहनत का फल नहीं बल्कि भगवान की कृपा का परिणाम है।'

महामंडलेश्वर ने की पीएम मोदी की विनम्रता की प्रशंसा

महामंडलेश्वर ने पीएम मोदी की विनम्रता की प्रशंसा की और कहा कि उन्होंने राष्ट्र की भलाई के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि उनमें अहंकार का कोई नामोनिशान नहीं है। वे हमेशा जमीन से जुड़े रहे, मिलनसार हैं और भारत की संस्कृति को परिभाषित करने वाले मूल्यों से गहराई से जुड़े रहे। वे एक महापुरुष हैं फिर भी बहुत विनम्र हैं। राष्ट्र का नेतृत्व करते हुए सादगी में बने रहने की उनकी क्षमता अतुलनीय है।

'भारत अपने सच्चे नायकों का अपमान कतई सहन नहीं करेगा'

गाय के रहने वाले स्थान को अस्वच्छ बताने वाले विपक्ष की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी अवधेशानंद ने कहा कि मोदी ने गाय को माता का दर्जा देने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि यह न केवल भारत के लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए लाभकारी है।

स्वामी ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि वे देश के ऐतिहासिक व्यक्तित्वों का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन द्वारा राणा सांगा को गद्दार बताए जाने की कड़ी निंदा की और कहा कि भारत अपने सच्चे नायकों का अपमान कतई सहन नहीं करेगा।

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