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    पहलगाम हमले के 48 घंटे के अंदर ही बन गया था PAK में तबाही का प्लान, एक सिग्नल मिलते ही मिट्टी में मिले आतंकी ठिकाने

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 04:29 PM (IST)

    ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना के रणकौशल का प्रमाण है। वायुसेना के उप प्रमुख नर्मदेश्वर तिवारी ने बताया कि पहलगाम आतंकी हमले के 48 घंटे के भीतर वायुसेना ने योजना तैयार कर ली थी। तीनों सेनाओं ने साझा सैन्य ऑपरेशन को अंजाम दिया। सेना ने पाकिस्तान के 100 किलोमीटर अंदर घुसकर आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक की और उन्हें मिट्टी में मिला दिया।

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    पहलगाम हमले के 48 घंटे के अंदर ही बन गया था PAK में तबाही का प्लान- सोशल मीडिया

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना के रणकौशल का ऐसा प्रमाण है जिसने पूरी दुनिया को भारतीय सेनाओं का लोहा मानवा दिया। दुनिया के इतिहास में ये पहली बार था जब किसी न्यूक्लियर पावर से लैस देश ने दूसरे न्यूक्लियर पावर से लैस देश पर हमला किया हो।

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    भारतीय सशस्त्र बलों ने इस ऑपरेशन को इतने सटीकता से अंजाम दिया कि पाकिस्तान के 100 किलोमीटर अंदर घुसकर आतंकी ठिकानों पर पिन प्वाइंटेड स्ट्राइक करके उन्हें मिट्टी में मिला दिया।

    48 घंटे में बनी PAK में तबाही की योजना

    एनडीटीवी डिफेंस समिट में बोलते हुए उप वायुसेना प्रमुख नर्मदेश्वर तिवारी ने बताया कि पहलगाम आतंकी हमले के 48 घंटे के भीतर वायुसेना ने 26 लोगों की नृशंस हत्या का जवाब देने के लिए योजना तैयार कर ली थी। जिसके बाद तीनों सेनाओं ने साझा सैन्य ऑपरेशन को अंजाम दिया, जिसे दुनिया ऑपरेशन सिंदूर के नाम से जानती है।

    48 घंटे में तैयार हुई हमले की रूपरेखा

    • 22 अप्रैल: पहलगाम आतंकी हमला हुआ
    • 23 अप्रैल: संभावित विकल्पों की योजना बनाने के लिए शीर्ष सैन्य अधिकारियों की एक हाई लेवल बैठक हुई।
    • 24 अप्रैल: वायु सेना ने अपने विकल्प प्रस्तुक किए।
    • 29 अप्रैल: ट्रार्गेट की लिस्ट बनाई गई और प्लानिंग शुरू हुई।
    • 5 मई: स्ट्राइक की तारीफ और समय तय किया गया
    • 6-7 मई: पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक की गई

    9 ठिकानों को निशाना बनाया

    उप वायुसेना प्रमुख नर्मदेश्वर तिवारी ने बताया कि 9 में से 7 टार्गेट सेना को तोपखाने और लाइन ऑफ कंट्रोल के संचालन के लिए सौंपे गए, वहीं दो ठिकानों पर हमले का टार्गेट वायुसेना को दिया गया। जिसमें इंटरनेशनल बॉर्डर से 30 किलोमीटर दूर मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय और पाकिस्तान के 100 किलोमीटर अंदर बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय। सेना से सभी 9 ठिकानों पर सटीक हमले करके उन्हें ध्वस्त कर दिया।

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