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'मेरे भाई के बेटे की मौत हो गई', करूर भगदड़ पीड़ितों ने रो-रोकर सुनाई आपबीती; सीएम स्टालिन पहुंचे अस्पताल

By Agency Edited By: Jeet Kumar
Published: Sun, 28 Sep 2025 05:30 AM (IST)Updated: Sun, 28 Sep 2025 06:56 AM (IST)

मिलनाडु के करूर में हुए भगदड़ हादसे में 38 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। इस हादसे में जो ...और पढ़ें

करूर भगदड़ पीड़ितों ने रो-रोकर सुनाई आपबीती; सीएम स्टालिन पहुंचे अस्पताल (फोटो- एएनआई)
करूर भगदड़ पीड़ितों ने रो-रोकर सुनाई आपबीती; सीएम स्टालिन पहुंचे अस्पताल (फोटो- एएनआई)

HighLights

  1. प्रत्यक्षदर्शी बोला- भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ नहीं किया
  2. प्रत्यक्षदर्शी ने बताया यह समझना मुश्किल है कि गलती किसकी है

 एएनआई, करूर। तमिलनाडु के करूर में हुए भगदड़ हादसे में 38 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। इस हादसे में जो लोग जीवित बच गए उन्होंने बताया कि एक्टर विजय कार्यक्रम स्थल पर समय से नहीं पहुंचे इस कारण भीड़ बढ़ती गई और यह हादसा हुआ।

एक पीड़ित ने कहा कि मेरे भाई के दो बेटे हैं। उनके बड़े बेटे की मौत हो गई। हमें नहीं पता कि उनका छोटा बेटा कहां है। मेरे भाई की पत्नी अभी आईसीयू में भर्ती है। मुझे नहीं पता कि क्या करना चाहिए। मेरे बेटे की आंख में चोट लगी है।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ नहीं किया- प्रत्यक्षदर्शी

एएनआई से बात करते हुए, एक प्रत्यक्षदर्शी , नंद कुमार ने कहा कि हम खुद वहां थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ नहीं किया जा सका। उन्होंने (विजय) कहा था कि वह सुबह 11 बजे तक करूर पहुंच जाएंगे, और सभी को इसकी सूचना दे दी गई थी।

लेकिन जब वह आए, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। हम प्रार्थना करते हैं कि जो भी घायल हुए हैं वे पूरी तरह से ठीक हो जाएं और सुरक्षित घर लौट आएं। लेकिन इसके अलावा, ऐसी घटनाओं को फिर से होने से रोका जाना चाहिए।

आगे कहा कि यह समझना मुश्किल है कि गलती किसकी है। लोग उम्मीद लेकर आए थे कि वह समय पर पहुंचेंगे। कई बच्चों के साथ आए थे, भूखे थे, या मुश्किल हालात का सामना कर रहे थे। हर कोई एक स्टार को देखने के उत्साह के साथ आया था। यह बेहद दुखद है।

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि 10 से 15 गुना ज्यादा लोग थे

एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी , सूर्या ने बताया कि एम्बुलेंस अंदर नहीं जा पा रही थीं। लोगों के खड़े होने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी। लोगों को बाहर निकालने में बहुत लंबा समय लगा। रैली वाली जगह पर 10 से 15 गुना ज्यादा लोग पहुंच गए थे।

सीएम एमके स्टालिन ने अस्पताल का दौरा किया

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का दौरा किया और कल करूर में हुई भगदड़ की घटना में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने कहा कि मैं गहरे दुख के साथ यहां खड़ा हूं। मैं करूर में हुई भीषण दुर्घटना का वर्णन करने में असमर्थ हूं। कल शाम करीब 7:45 बजे, जब मैं चेन्नई में अधिकारियों से बात कर रहा था, मुझे खबर मिली कि करूर में ऐसी ही एक घटना हुई है।

सूचना मिलते ही मैंने पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी को फोन किया, उनसे पूछताछ करने को कहा और उन्हें अस्पताल जाने का निर्देश दिया। जब मैंने मृतकों की संख्या के बारे में खबर सुनी, तो मैंने आस-पास के मंत्रियों को करूर जाने का निर्देश दिया।"

करूर भगदड़ की घटना पर डीजीपी का आया बयान

करूर भगदड़ की घटना पर, तमिलनाडु के प्रभारी DGP जी. वेंकटरमण ने कहा कि सभा की अनुमति दोपहर 3 बजे से रात 10 बजे तक दी गई थी, लेकिन भीड़ सुबह 11 बजे से ही जुटनी शुरू हो गई थी। जब विजय शाम 7:40 बजे पहुंचे, तब तक भीड़ बिना पर्याप्त भोजन और पानी के घंटों इंतजार कर रही थी। यही सच्चाई है। विजय ने खुद पुलिस की भूमिका की सराहना की, लेकिन जोर देकर कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

इसका मतलब यह नहीं है कि पुलिस को 27,000 की पूरी भीड़ के बराबर संख्या में तैनात करना चाहिए। इस दुखद घटना के पीछे के कारणों का पता जांच के बाद ही चलेगा। एक सदस्यीय आयोग का गठन पहले ही किया जा चुका है। तब तक, मैं इस पर और कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।

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