यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जाति जनगणना पर राहुल गांधी को मिला JDU का साथ, कहा- पूरे देश में इसके पक्ष में हूं; मगर बिहार के तर्ज पर हो
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद में जाति जनगणना का मुद्दा उठा देश में सियासत गर्मा दी है। उन्होंने कहा ...और पढ़ें

HighLights
- संसद में राहुल गांधी ने उठाया जाति जनगणना का मुद्दा।
- सरकार पर बरसे, कहा- आपने एक चक्रव्यूह बनाया।
- राहुल का दावा- पूरा देश जाति जनगणना चाहता है।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को संसद में जातिगत जनगणना की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि देश जातिगत जनगणना चाहता है। अब केंद्र सरकार में भाजपा की सहयोगी जेडीयू का साथ भी राहुल गांधी को मिल गया है। जेडीयू ने स्पष्ट किया है कि वह देशभर में जातिगत जनगणना के पक्ष में है।
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बिहार की तर्ज पर जाति जनगणना के पक्ष में
जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि जेडीयू बिहार के तर्ज पर पूरे देश में जातिगत जनगणना के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि मैं बिहार सरकार के उस फैसले का भी स्वागत करता हूं, जिसमें उन्होंने आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने का आग्रह किया है।
संसद में क्या बोले राहुल गांधी?
सोमवार को राहुल गांधी ने संसद में कहा कि आपने जो 'चक्रव्यूह' बनाया है। इससे करोड़ों लोगों को नुकसान हुआ है। हम इस चक्रव्यूह को तोड़ेंगे। इसे तोड़ने का सबसे बड़ा तरीका जाति जनगणना है। जिससे आप सब डरते हैं। I.N.D.I.A इस सदन में गारंटीकृत कानूनी एमएसपी पारित करेगा। इसी सदन में जाति जनगणना हम पास करके आपको दिखाएंगे।
सपा और आरजेडी कांग्रेस का अगला निशाना
केसी त्यागी ने कांग्रेस पर निशाना भी साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश और बिहार में सामाजिक न्याय को मनाने वाली समाजवादी पार्टी और आरजेडी को खत्म करेगी। ये दोनों दल उसका अगला निशाना हैं।
लूट के केंद्र बने शिक्षण संस्थान
दिल्ली कोचिंग सेंटर हादसे पर भी केसी त्यागी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही खतरनाक हत्याकांड है। यह मृत्यु नहीं है। शिक्षण केंद्र शिक्षा की बजाय लूट के केंद्र बनते जा रहे हैं। इन पर रोक लगे।
आरक्षण को नौवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग
सरकारी नौकरी और शैक्षणिक संस्थानों के दाखिले में पिछड़े वर्गों के आरक्षण में वृद्धि को रद्द करने वाले पटना हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने इंकार कर दिया है। इस पर केसी त्यागी ने कहा कि यह समाज के वंचित वर्गों के लिए बुरी खबर है। त्यागी ने केंद्र सरकार से आरक्षण को नौवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की। इससे आरक्षण से संबंधित किसी भी मामले की न्यायिक समीक्षा नहीं हो सकेगी।
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#WATCH | On SC refuses to stay Patna HC order that set aside the increase in reservation for Backward Classes in public employment and admission to educational institutions, JD(U) spokesperson KC Tyagi says, "It is bad news for the deprived sections of the society...We demand… pic.twitter.com/JZ7DiKVrvm
— ANI (@ANI) July 29, 2024
