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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

क्या AI को बढ़ा-चढ़ाकर किया जा रहा पेश? नौकरियों पर नहीं पड़ रहा प्रभाव; स्टडी में हुए कई खुलासे

Published: Mon, 19 May 2025 10:57 PM (IST)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या एआई के आने के बाद अमूमन कहा जाने लगा कि इससे लोगों की नौकरियों पर काफी असर ...और पढ़ें

एआई को बढ़ा-चढ़ाकर किया जा रहा पेश। (सांकेतिक तस्वीर)
एआई को बढ़ा-चढ़ाकर किया जा रहा पेश। (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. पिछले दो सालों में एआई को लेकर खूब की जा रही चर्चा।
  2. एआई के आने से नौकरियों पर प्रभाव पड़ने का दावा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पिछले एक दो वर्षों में आर्टफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर काफी चर्चा की जा रही है। एआई को लेकर कई धारणाएं बनाई जा रही हैं कि इसके प्रतिदिन के उपयोग के कारण मानवीय नौकरियों पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।

कुछ जगहों पर दावा किया गया कि एआई के कारण लोगों की नौकरियों पर भी संकट मंडरा सकता है। दावा किया जा रहा है कि लोगों की जगह कई कंपनियों एआई का सहारा लेंगी, जिससे काम आसान और कम समय में होगा। इस बीच एक ऐसी स्टडी सामने आई है, जिसने सभी को चौंका दिया है। एक स्टडी में दावा किया गया कि एआई के आ जाने से भी लोगों के काम पर बहुत ही हल्के परिणाम देखने को मिले हैं।

क्या कहती है स्टडी?

दरअसल, डेनमार्क के नेशनल ब्यूरो ऑफ इकोनामी रिसर्च ने एक रिपोर्ट जारी कर बताया कि एआई का इस्तेमाल से कोई खास असर देखने को नहीं मिला। रिपोर्ट बताती है कि एआई की मदद से औसतन एक कर्माचारी ने अपने तीन मिनट बचाए। वहीं, उनकी प्रोडक्टिविटी पर केवल 7 से 8 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिला। इस बीच अर्थशास्त्री एंडर्स हम्लम और एमिली वेस्टगार्ड ने शोध पत्र में लिखा कि एआई चैटबॉट्स का किसी भी व्यवसाय में कमाई या रिकॉर्ड किए गए घंटों पर कोई खास असर नहीं पड़ा है।

कितने लोगों पर किया गया अध्ययन?

बताया जा रहा है कि अध्ययन के लिए 7000 ऑफिसों से 25000 कर्मचारियों को चुना गया और इनपर विश्लेषण किया गया। अधिकांश कर्माचरी ऐसे थे जो लेखाकार, ग्राहक सहायता विशेषज्ञ, वित्तीय सलाहकार, मानव संसाधन पेशेवर, सॉफ्टवेर डेवेलपर्स के व्यवसाय से जुड़े थे। ऐसा माना जाता रहा है कि एआई के आने से इन लोगों की नौकरियों पर काफी खतरा है। आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद पता चला कि एआई के आने बाद भी मानव श्रमिकों का कोई विस्थापन नहीं मिला।

वहीं, शोधकर्ताओं ने कहा कि एआई के आने पर सबसे ज्यादा कंपनियों ने तेजी दिखाई। वहीं, एआई पर काम करने के लिए कंपनियां बड़ी क्षमता के साथ निवेश कर रही हैं। सामने आए रिपोर्ट आपको हैरान कर सकते हैं, क्योंकि माना जा रहा था कि एआई के आने से नौकरियों पर काफी असर देखने को मिलेगा।

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