'इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा', 10 से अधिक लोगों की मौत पर भड़के राहुल गांधी; पीएम मोदी को घेरा
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने इंदौर में दूषित पानी पीने से 10 से अधिक लोगों की मौत के मामले में भाजपा की "डबल इंजन" सरकार पर तीखा हमला बोला है। ...और पढ़ें

विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी तथा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इंदौर में दूषित पानी पीने से 10 से अधिक लोगों की मौत के मामले में भाजपा की डबल इंजन सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा।
मध्यप्रदेश सरकार के साथ ही नेता विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए गरीबों की मौत पर चुप रहने का आरोप लगाया। जबकि मल्लिकार्जुन खरगे ने जल जीवन मिशन समेत अन्य योजनाओं में गंभीर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता के अहंकार में डूबी भाजपा देश को न तो साफ पानी दे पाई और न ही साफ हवा।
राहुल गांधी ने साधा निशाना
दूषित पानी से हुई मौतों पर जवाबदेही दिखाने की बजाय मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री के अशिष्ट हठधर्मी व्यवहार की ओर इशारा करते हुए राहुल गांधी ने कहा 'घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं और ऊपर से भाजपा नेताओं के अहंकारी बयान। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी, सरकार ने घमंड परोस दिया। लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की फिर भी सुनवाई क्यों नहीं हुई? सीवर पीने के पानी में कैसे मिला? समय रहते सप्लाई बंद क्यों नहीं हुई? जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी?'
मध्यप्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से मीडिया के पूछे गए सवाल को वाजिब ठहराते हुए राहुल गांधी ने कहा 'ये फोकट सवाल नहीं, ये जवाबदेही की मांग है। साफ पानी एहसान नहीं, जीवन का अधिकार है। और इस अधिकार की हत्या के लिए भाजपा का डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह जिम्मेदार है। मध्यप्रदेश अब कुप्रशासन का एपिसेंटर बन चुका है। कहीं खांसी की सिरप से मौतें, कहीं सरकारी अस्पताल में बच्चों की जान लेने वाले चूहे, और अब सीवर मिला पानी पीकर मौतें। और जब-जब गरीब मरते हैं, मोदी जी हमेशा की तरह खामोश रहते हैं।'
खरगे ने भी बोला हमला
मल्लिकार्जुन खरगे ने भी एक्स पर बयान में कहा 'जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत अभियान का ढिंढोरा पीटने वाले पीएम नरेन्द्र मोदी हमेशा की तरह इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों को लेकर मौन हैं। जबकि यह वही इंदौर शहर है जिसने केंद्र सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण में लगातार आठवीं बार 'सबसे स्वच्छ शहर' का खिताब जीता है। ये शर्मनाक बात है कि यहां पर भाजपा के निकम्मेपन के चलते लोग साफ पानी के मोहताज हैं। जब मंत्री से सवाल पूछा जाता है तो वो गाली-गलौज पर उतर आते हैं।'
कांग्रेस अध्यक्ष ने जल जीवन मिशन समेत, हर योजना में भ्रष्टाचार और धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि यह याद दिलाना जरूरी है कि जल जीवन मिशन का 10 प्रतिशत फंड दूषित पानी साफ करने के लिए दिया जाता है।

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