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    इंदौर: बोरिंग के पानी में भी घुला 'जहर', 69 में से 35 सैंपल फेल; क्यों खतरनाक है फीकल कोलिफार्म बैक्टीरिया?

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 10:32 AM (IST)

    इंदौर में दूषित पानी से स्वास्थ्य संकट गहरा गया है। नर्मदा जल के बाद अब बोरिंग के पानी में भी फीकल कोलिफार्म बैक्टीरिया पाया गया है, जिससे हैजा, टाइफा ...और पढ़ें

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश का सबसे साफ शहर कहा जाने वाला इंदौर पिछले कुछ दिनों से जानलेवा पानी को लेकर चर्चा में है। दूषित पानी पीने से कई लोगों की जान चली गई है। वहीं, कुछ लोग अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं।

    पानी के सैंपल टेस्ट में पता चला है कि फीकल कोलिफार्म बैक्टीरिया के कारण लोग हैजा, टाइफाइड और हेपेटाइटिस-ए जैसी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। वहीं, अब यह बैक्टीरिया बोरिंग के पानी तक भी पहुंच चुका है।

    इंदौर के भागीरथीपुरा में गंदे पानी की सप्लाई के बाद पूरे शहर में हाहाकार मच गया है। नर्मदा जल के सैंपल में मल-मूत्र की पुष्टि होने के बाद जब नगर निगम ने बोरिंग के पानी के सैंपल लिए, तो वो भी जांच में फेल हो गए।

    69 में से 35 सैंपल फेल

    इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा के अनुसार, बोरिंग के पानी के कुल 69 सैंपल लिए गए थे, जिसमें से 35 सैंपल पास नहीं हुए हैं। सैंपल की जांच नगर निगम की मूसाखेड़ी स्थित लैब में हुई। 35 सैंपलों में भी फीकल कोलिफार्म बैक्टीरिया पाए गए हैं।

    पानी में घुला बैक्टीरिया

    विशेषज्ञों का कहना है कि फीकल कोलिफार्म बैक्टीरिया सीवेज ओवरफ्लो, अनुपचारित सीवेज डिस्चार्ज, सेप्टिक टैंक खराब होने की स्थिति में पानी में प्रवेश करता है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि शायद ड्रेनेज चैंबरों का सीवेज लीक कर रहा है और रिसाव के कारण मल बैक्टीरिया युक्त पानी बोरिंग के पानी में भी घुल रहा है।

    फीकल कोलिफार्म के खतरे

    • आंते - लंबे समय तक सूजन (कोलाइटिस)
    • किडनी - डिहाइड्रेशन और संक्रमण से किडनी फेल होने का खतरा
    • लिवर - अमीबिक य बैक्टीरियल लिवल एब्सेस
    • दिमाग - गंभीर मामलों में बेहोशी, कोमा
    • इम्यून सिस्टम - संक्रमण का खतरा और कमजोरी

    150 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती

    भागीरथीपुरा में 600 से ज्यादा बोरिंग की गई हैं, जिनके पानी पर कई परिवार निर्भर हैं। ऐसे में गंदा पानी पीने के कारण भारी संख्या में लोग उल्टी और दस्त जैसी परेशानियों का शिकार हो रहे हैं। 150 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से 20 लोगों की हालत गंभीर है और उन्हें ICU में रखा गया है।

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